जनपद फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र स्थित रामगंगा नदी में दो माह पहले एक युवक की लाश मिली थी। पुलिस ने युवक की हत्या का खुलासा किया है। पूरा मामला जनपद हरदोई के मंझिला थाना क्षेत्र के गांव आँझी का है। बता दें कि जिस मामले को शुरुआत में महज एक हादसा माना जा रहा था, वह असल में सोची-समझी साजिश और हत्या का मामला निकला। हरदोई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक के ही तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे पारिवारिक संबंधों से जुड़ा कोई पुराना विवाद था।
नदी में मिली थी लाश, परिजनों ने जताया था शक
घटना की शुरुआत 24 फरवरी 2026 को हुई थी, जब आँझी निवासी अशोक सिंह ने अपने बेटे अभय प्रताप सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। अगले ही दिन फर्रुखाबाद जनपद में रामगंगा नदी से अभय का शव बरामद हुआ। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह ‘डूबना’ बताई गई थी, लेकिन परिवार को यह बात हजम नहीं हुई। परिजनों के संदेह और लगातार दबाव के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू की।
एक महीने की जांच के बाद सामने आया सच
अपर पुलिस अधीक्षक शाहाबाद आलोक राज नारायण और थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करीब एक महीने तक साक्ष्यों और पूछताछ पर काम किया। 9 अप्रैल को मृतक की मां संध्या सिंह ने आशीष, धीरज और भंवर पाल के खिलाफ नामजद तहरीर दी। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने कबूल किया कि वे 24 फरवरी को अभय को बहला-फुसलाकर राजेपुर क्षेत्र ले गए थे और वहीं रामगंगा नदी के पास उसे मौत के घाट उतार दिया।
सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी दोस्त
पकड़े गए आरोपियों में आशीष और धीरज ग्राम आँझी के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा आरोपी भंवर पाल पिलहानी के रनियामऊ का निवासी है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है कि कैसे मामूली विवाद में दोस्तों ने ही दोस्त की जान ले ली।



















