जनपद फर्रुखाबाद की कायमगंज तहसील में तैनात तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर के खिलाफ स्थानीय बीजेपी नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए बीजेपी के विभिन्न मंडल अध्यक्षों ने जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह को एक शिकायती पत्र सौंपा है। इस पत्र में तहसीलदार को तत्काल पद से हटाने और उनके अब तक के कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। नेताओं का कहना है कि अधिकारी की कार्यप्रणाली से जनता में भारी रोष है।

भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का लगा संगीन आरोप
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि तहसीलदार ने बिचौलियों और कुछ अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ मिलकर एक ‘संगठित गिरोह’ बना रखा है। शिकायत के मुताबिक, आम जनता को फर्जी मुकदमों और शिकायतों में फंसाया जाता है और फिर समझौते के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जाती है। आरोप यह भी है कि कई मामलों को जानबूझकर सरकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं किया जाता ताकि राजस्व परिषद और उच्चाधिकारियों को इसकी भनक न लगे और पर्दे के पीछे धन उगाही का खेल चलता रहे।

तहसीलदार का पलटवार : ‘अवैध कब्जे’ पर कार्रवाई बनी वजह
इन आरोपों पर तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर ने चुप्पी तोड़ते हुए अपना पक्ष रखा है। उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है। तहसीलदार का कहना है कि बीजेपी नेता कुनेंद्र गंगवार ने चारागाह की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिस पर मुकदमा चल रहा है। उन्होंने बताया कि नेता जी एक सरकारी योजना का लाभ लेना चाहते थे, लेकिन अपात्र होने के कारण फाइल पर आपत्ति लगा दी गई। इसी खुन्नस में नेताओं को भड़काकर उनके खिलाफ झूठी शिकायत की जा रही है।
बार एसोसिएशन का विरोध और जांच की मांग
शिकायती पत्र में यह भी जिक्र किया गया है कि तहसील बार एसोसिएशन पहले भी तहसीलदार की कार्यशैली को लेकर कई बार हड़ताल और प्रदर्शन कर चुका है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। पत्र पर कायमगंज नगर, ग्रामीण, अचरा, कंपिल और शमसाबाद के मंडल अध्यक्षों के साथ-साथ बीजेपी जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र कठेरिया और जिला महामंत्री रश्मी दुबे के भी हस्ताक्षर हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस हाई-प्रोफाइल मामले में क्या कदम उठाता है।


















