जनपद फर्रुखाबाद के एक चर्चित हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) तरुण कुमार सिंह की अदालत ने दोषी आकाश उर्फ यशपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुरानी रंजिश बनी खून की वजह
यह मामला कायमगंज थाना क्षेत्र के गांव दमदमा का है। 20 जुलाई 2021 को गांव निवासी शंकर ने तहसीर में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उनके चचेरे भाई राजकुमार ने बकरियों को बांधने के लिए तिरपाल बांधी थी, जिसका विरोध उनके भाई पप्पू जाटव ने किया था। इसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि बात हिंसा तक पहुंच गई।
लाठी-डंडों से हमला, एक की मौत
विवाद के दौरान राजकुमार, उसकी पत्नी संतोषी देवी, बेटे आकाश उर्फ यशपाल और निखिल ने मिलकर पप्पू जाटव पर लाठी-डंडों और टकोरों से हमला कर दिया। इस हमले में पप्पू जाटव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी किरण और बेटा धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
एफआईआर, जांच और चार्जशीट
शंकर की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने राजकुमार, संतोषी देवी और आकाश उर्फ यशपाल के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत
मुकदमे की सुनवाई के दौरान राजकुमार की 6 दिसंबर 2023 को और संतोषी देवी की 24 सितंबर 2025 को मौत हो गई। इसके चलते उनके खिलाफ चल रही कार्रवाई समाप्त कर दी गई। इसके बाद मामले में केवल आकाश उर्फ यशपाल के खिलाफ ही सुनवाई जारी रही।
11 गवाहों के बयान बने फैसले की आधारशिला
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाह पेश किए गए, जिनमें वादी, प्रत्यक्षदर्शी, चिकित्सक और विवेचक शामिल थे। गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने 11 फरवरी को आकाश उर्फ यशपाल को दोषी करार दिया था। सोमवार को उसे सजा सुनाई गई।


















