फर्रुखाबाद के चिलसरा रोड स्थित शिया समुदाय के पवित्र कब्रिस्तान और दरगाह “मौला अली नजफ उल अशरफ” में देर रात अराजक तत्वों ने तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ नुकसान नहीं बल्कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश है।

ताजियों में लगाई आग, कब्रें हुईं क्षतिग्रस्त
जानकारी के मुताबिक, देर रात कब्रिस्तान परिसर में रखी ताजियों में आग लगा दी गई, जिससे वे पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग की चपेट में हफीज और हाजी नामक दो कब्रें भी आ गईं। साथ ही अंदर रखे अलम और अन्य धार्मिक सामान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पास की पुरानी इमारत में रखा सामान भी प्रभावित हुआ।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस-प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही थाना मऊदरवाजा पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया। पुलिस अधीक्षक डॉ. आरती सिंह, सीओ अमृतपुर, सीओ मोहम्मदाबाद, एसडीएम रजनीकांत पांडे और तहसीलदार सनी कनोजिया ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

तीन जांच टीमें गठित, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे
पुलिस अधीक्षक डॉ. आरती सिंह ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तीन विशेष जांच टीमें बनाई गई हैं। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

पहले भी हो चुकी है चोरी की घटना
मुतवल्ली ने बताया कि करीब पांच-छह महीने पहले भी कब्रिस्तान में चोरी की घटना हुई थी, जिसमें CCTV कैमरे, एलईडी और चांदी के अलम चोरी हो गए थे। उस मामले में भी एफआईआर दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब दोबारा ऐसी घटना से लोगों में गुस्सा है।


















