गुरुवार की सुबह जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव मई राशिदपुर में एक मजदूर का खून से लथपथ शव खेत में पड़ा मिला। मृतक की पहचान 45 वर्षीय सोवरन सिंह पुत्र सियाराम के रूप में हुई है। शव मिलने की खबर से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।

मजदूरी और दावत की बात कहकर निकले थे घर से
परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया कि सोवरन सिंह बुधवार सुबह करीब 8 बजे घर से निकले थे। उन्होंने बताया था कि वह पास के गांव सहसा में मजदूरी करेंगे और इसके बाद पड़ोसी गांव कुतुबुद्दीनपुर में दावत खाने जाएंगे। लेकिन देर रात तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।

रातभर खोजबीन, सुबह मिली दर्दनाक खबर
रात में परिजनों ने आसपास के गांवों में उनकी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं लगा। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे गांव का एक युवक खेतों में पानी लगाने जा रहा था। इसी दौरान उसने गांव निवासी ऋषि नंदन ठाकुर के खेत में सोवरन सिंह का लहूलुहान शव पड़ा देखा। युवक ने तुरंत गांव और परिजनों को सूचना दी।

शव देखते ही मचा कोहराम
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। शव की हालत देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई।
मौके से साइकिल, खून और खाली कारतूस बरामद
सूचना पर कायमगंज कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान मृतक की साइकिल गांव निवासी भूरे के खेत में पड़ी मिली। रास्ते में काफी मात्रा में खून फैला हुआ था। शव के पास एक खाली कारतूस भी मिला है, जिससे गोली मारकर हत्या की आशंका जताई जा रही है।

फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत
घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकार राजेश कुमार द्विवेदी भी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी कर साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक सोवरन सिंह ने अपनी तीन बेटियों की शादी कर दी थी। उनका एक बेटा अंकित काम के सिलसिले में दिल्ली में रहता है। घर पर पत्नी पानवती और दो नाबालिग बेटियां काजल (14) और नेहा (13) हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।


















