फर्रुखाबाद : कायमगंज में पितरों की स्मृति में श्रीमद्भागवत कथा शुरू, नैमिषारण्य से पधारे श्रीजी महाराज ने बताया कथा का महात्म्य

Farrukhabad News : मंगलवार को जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज नगर में सीपी सभागार में पितृपक्ष के पवित्र अवसर पर पूर्वजों की पुण्य स्मृति को समर्पित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा और भक्तिमय से किया गया। कथा के पहले दिन ही कथा स्थल श्रद्धालुओं की उपस्थिति और भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।

कायमगंज
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श्री राम द्वारा से पोथी यात्रा निकालकर मंच पर किया गया विधिवत पूजन

कथा के शुभारंभ के अवसर पर आयोजक सत्य प्रकाश अग्रवाल, डा० मिथिलेश अग्रवाल ने श्रीमद्भागवत पुराण को सिर पर धारण करके श्री राम द्वारा से कथा पंडाल पहुंचाया। जिसके बाद संजू अग्रवाल, रजनी गोयल, योगेश तिवारी, मुकेश अग्निहोत्री आदि द्वारा श्रीमद्भागवत पुराण को मंच पर आसीन कर विधिवत पूजन-अर्चन और आरती के साथ कथा का शुभारंभ किया।

कायमगंज
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श्रीमद्भागवत जीवन को सही दिशा दिखाने वाला दिव्य मार्ग: श्रीजी महाराज

नैमिषारण्य धाम से पधारे कथा व्यास श्री शिवानंद भाई श्रीजी महाराज ने प्रथम दिवस श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य का विस्तारपूर्वक वर्णन कराया। महाराज श्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के जीवन को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्ग है। जिस स्थान पर श्रद्धा और प्रेम के साथ भागवत कथा का श्रवण होता है, वह स्थान स्वयं तीर्थ के समान पवित्र हो जाता है।

कायमगंज
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प्रशासनिक अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

कथा के प्रथम दिवस के इस पावन अवसर पर संयोजक कृष्ण चंद्र दीक्षित, एसडीएम अभिषेक सिंह, सीओ अजय वर्मा, कोतवाल प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला, पवन गुप्ता, विनोद गंगवार, सुधीर गुप्ता, नीरज अग्रवाल, आरके बाजपेई, दीपक जैन, एस.के बाजपई, हरीश पचौरी, अनिल अग्रवाल, पूर्व विधायक अमर सिंह खटिक, अवधेश दीक्षित, महेंद्र राजपूत, देवेंद्र दुबे, शैलेंद्र राजपूत, अवनीश दुबे, डा० सुभाष गुप्ता, सत्यनारायण अग्रवाल, मोहित रस्तोगी, उमेश गुप्ता, कैलाश रस्तोगी, शरद मिश्रा, सुमित पांडे सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

फर्रुखाबाद दर्पण
फर्रुखाबाद दर्पण
Amar Agnihotri
Author: Amar Agnihotri

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