जनपद फर्रूखाबाद में दिव्यांगजनों को उपकरण उपलब्ध कराने के लिए मिले सरकारी अनुदान के मामले में एक बड़ा कानूनी अपडेट सामने आया है। बता दें कि अदालत ने डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट की निदेशक और पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद तथा ट्रस्ट के सचिव अतहर फारुकी के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। सोमवार को हुई कानूनी प्रक्रिया के दौरान आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।
EOW जांच में सामने आई थीं अनियमितताएं
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 30 मार्च 2010 को ट्रस्ट को कुल 71.50 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया था। इसमें से चार लाख रुपये फर्रूखाबाद के दिव्यांगजनों को शिविर लगाकर निशुल्क उपकरण बांटने के लिए निर्धारित थे। हालांकि, आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की विस्तृत जांच में इस पूरी प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन में कई गंभीर अनियमितताएं और फर्जीवाड़े की बातें उजागर हुई थीं।
दस्तावेजों और हस्ताक्षरों पर उठे थे सवाल
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 29 मई 2010 को कायमगंज में शिविर आयोजित कर 32 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का दावा किया गया था। लेकिन जांच के दौरान अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर, जाली मुहरें और कूट रचित दस्तावेज तैयार किए जाने का मामला सामने आया। ईओडब्ल्यू को कायमगंज में ऐसा कोई वास्तविक शिविर आयोजित किए जाने के ठोस साक्ष्य नहीं मिले। इसी आधार पर कायमगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिस पर अब न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ रही है।


























