जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव चिल्सरी मैं शनिवार की देर रात दीपचंद उर्फ पंक्तियों की हत्या की हत्या गांव की ही एक युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने दीपचंद उर्फ पंखिया हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी रोहित उर्फ भीमा को दबोच लिया है। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि यह हत्या किसी मामूली बात पर नहीं, बल्कि 5 साल पुरानी रंजिश और पुलिस गवाही का बदला लेने के लिए की गई थी। दरअसल, करीब 5-6 साल पहले रोहित और उसके साथी सुभाष का गांव के एक बुजुर्ग झम्मन से झगड़ा हुआ था, जिसमें झम्मन की कुएं में गिरने से मौत हो गई थी। उस मामले में दीपचंद ने रोहित के खिलाफ पुलिस में गवाही दे दी थी, जिसके बाद से ही रोहित के दिल में बदले की आग सुलग रही थी।

अंगोछे का फंदा और ताबड़तोड़ घूंसे : तड़प-तड़प कर पेड़ के सहारे गई जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले से घात लगाए बैठे रोहित उर्फ भीमा और उसके साथी बालकिशन ने दीपचंद को रास्ते में घेर लिया। इससे पहले कि दीपचंद कुछ समझ पाता, आरोपियों ने उसके गले में अंगोछा लपेटकर उसे आम के पेड़ के सहारे ऊपर खींच दिया, जिससे वह फंदे पर आधा लटक गया। दीपचंद को तड़पता देख भी बेरहमों का दिल नहीं पसीजा, उन्होंने उसके चेहरे, नाक और मुंह पर ताबड़तोड़ घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। गंभीर चोटों और अत्यधिक पिटाई के कारण दीपचंद ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
नशे में उगल दिया राज : गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
वारदात को अंजाम देकर दोनों हत्यारे मौके से फरार हो गए, जहां बालकिशन अपने घर भागा, वहीं मुख्य आरोपी रोहित ममापुर गांव की तरफ निकल गया। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि रोहित घटना के वक्त शराब के नशे में डूबा हुआ था। इसी नशे की हालत में उसने कुछ ग्रामीणों के सामने खुद ही दीपचंद की हत्या करने की बात कबूल कर ली। ग्रामीणों से मिली इसी बेहद गोपनीय सूचना और पुलिस की त्वरित तफ्तीश के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी करके आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।



















