सोमवार को कानपुर जोन की अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) अनुपम कुलश्रेष्ठ अपने पहले अधिकारिक दौरे पर जनपद फर्रुखाबाद पहुंचीं। उनके अचानक पहुंचने से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। पुलिस लाइन के सभा कक्ष में उन्होंने जिले के सभी बड़े राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों (थानेदारों) के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा जिले की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना और जनता में पुलिस का इकबाल बुलंद करना था।

साइबर क्राइम पर डिजिटल स्ट्राइक : ठगों को दबोचने के लिए मिला 24 घंटे का टास्क
बैठक में एडीजी ने सबसे ज्यादा जोर साइबर अपराधों पर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आज के समय में डिजिटल ठगी सबसे बड़ी चुनौती है। एडीजी ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिए कि साइबर फ्रॉड की शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया जाए और ठगे गए पैसों को फ्रीज कराने के लिए त्वरित अनावरण (क्विक रिस्पांस) किया जाए। उन्होंने साइबर सेल को अपग्रेड करने और पीड़ितों की समस्याओं को बिना किसी देरी के सुनने की हिदायत दी।

थानेदारों को सख्त चेतावनी : फरियादियों से प्यार से पेश आएं, गुंडों पर दिखाएं कड़ा रुख
कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने थानेदारों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पुलिस की सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जन शिकायतों का निपटारा केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। संवेदनशील मामलों में ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ होना जरूरी है।

मऊदरवाजा थाने का औचक निरीक्षण : साफ-सफाई और हथियारों की देखरेख पर कड़े निर्देश
समीक्षा बैठक के बाद एडीजी ने मऊदरवाजा थाने का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने थाने के कार्यालय, सीसीटीएनएस कंप्यूटर रूम, साइबर सेल और महिला हेल्प डेस्क का बारीकी से जायजा लिया। परिसर की साफ-सफाई और अभिलेखों के रख-रखाव को देखकर उन्होंने संतोष जताया। हालांकि, मालखाना में हथियारों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर उन्होंने कुछ जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।

नेताओं के साथ भी हुई खास चर्चा, व्यवस्थाओं पर जताई संतुष्टि
मीडिया से बातचीत करते हुए एडीजी ने बताया कि वह अब तक की पुलिस व्यवस्था से काफी हद तक संतुष्ट हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय सांसद मुकेश राजपूत, विधायक सुशील शाक्य और नागेंद्र सिंह राठौर के साथ भी एक शिष्टाचार बैठक की, जिसमें जिले के विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।


















