प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से की गई ईंधन बचाने की अपील का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। जनपद फर्रुखाबाद में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिधियों ने तेल बचाने के लिए एक बेहतरीन पहल की शुरुआत की है। शनिवार को आयोजित ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ में उस समय सब हैरान रह गए, जब जिला विकास अधिकारी (DDO) श्याम प्रकाश तिवारी अपनी सरकारी गाड़ी छोड़कर साइकिल चलाकर ऑफिसर्स क्लब पहुंचे। उनके आवास से ऑफिसर्स क्लब की दूरी करीब एक किलोमीटर है। इतना ही नहीं, शाम को कलेक्ट्रेट में हुई एक मीटिंग में जाने के लिए भी उन्होंने किसी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि वे पैदल ही बैठक में शामिल होने पहुंचे।
सरकारी गाड़ी को ‘नो’, ई-रिक्शा को ‘हां’: DDO ने पेश की मिसाल
DDO श्याम प्रकाश तिवारी ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार और शनिवार को जानबूझकर अपनी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री ने नागरिकों से ईंधन बचाने की उम्मीद की है, तो एक जिम्मेदार नागरिक और अधिकारी होने के नाते यह हम सबका फर्ज है। उन्होंने आगे के लिए भी एक बड़ा प्लान बनाया है। DDO ने जानकारी देते हुए बताया कि अब उनकी कोशिश रहेगी कि वे अपने घर से ऑफिस आने-जाने के लिए ई-रिक्शा का इस्तेमाल करें। साथ ही, अगर फील्ड में जाना हो, तो किसी दूसरे अधिकारी के साथ गाड़ी शेयर करके (कारपूलिंग) ही निकलें ताकि सरकारी तेल और पैसे दोनों की बचत हो सके।

सांस्कृतिक बदलाव : सांसद मुकेश राजपूत ने चार पहिया छोड़ पकड़ी कालिंदी एक्सप्रेस
अधिकारियों के साथ-साथ जिले के जनप्रतिनिधि भी इस मुहिम में पीछे नहीं हैं। सांसद मुकेश राजपूत ने भी ईंधन संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली जाने के लिए हमेशा अपनी चार पहिया गाड़ी का इस्तेमाल करने वाले सांसद जी ने इस बार फर्रुखाबाद से दिल्ली तक का सफर ‘कालिंदी एक्सप्रेस’ ट्रेन से तय किया। वे ट्रेन से ही दिल्ली गए और काम निपटाकर ट्रेन से ही वापस लौटे। प्रधानमंत्री के इस आह्वान के बाद आया यह बदलाव यह साफ दिखाता है कि वीआईपी लोग भी अब पर्यावरण और देश के संसाधनों को बचाने के लिए आगे आ रहे हैं।



















