उत्तर प्रदेश शासन की बेहद खास और प्राथमिकताओं में शामिल लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना में ढिलाई बरतने वालों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। फर्रुखाबाद में लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन खरीदने और अधिग्रहण के काम में लापरवाही बरतने के आरोप में दो लेखपालों को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित एक अहम समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने प्रगति रिपोर्ट देखने के बाद यह बड़ी कार्रवाई की।
नीवकरौरी और मदनपुर के लेखपालों पर गिरी निलंबन की गाज
बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अलग-अलग गांवों में जमीन खरीद और कागजी दस्तावेजों (अभिलेखीय कार्यों) की बारीकी से जांच की। बिंदुवार समीक्षा में यह सामने आया कि कुछ राजस्व कर्मियों द्वारा काम में जरूरी तेजी और गंभीरता नहीं दिखाई जा रही थी, जिसकी वजह से जमीन खरीदने की पूरी प्रक्रिया लटक रही थी। कार्य के प्रति इसी लापरवाही और ढीलेपन का दोषी पाए जाने पर डीएम ने लेखपाल नीवकरौरी प्रवीण दुबे और लेखपाल मदनपुर महेश्वर सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। डीएम ने साफ कहा कि शासन की इस बेहद जरूरी योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को सख्त निर्देश : किसानों से तालमेल बनाकर समय पर पूरा करें काम
जिलाधिकारी ने एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अफसरों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सरकार की मंशा के मुताबिक पूरी ईमानदारी, जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करें। उन्होंने निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े सभी मामलों का निपटारा तय समय के अंदर और गुणवत्ता के साथ होना चाहिए। डीएम ने अधिकारियों को किसानों से सीधा संपर्क और तालमेल बनाए रखने को कहा, ताकि जमीन संबंधी कामों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा सके और कहीं भी फालतू की देरी न हो। इसके साथ ही, अफसरों को हर दिन काम की प्रगति जांचने और तय टारगेट के हिसाब से काम पूरा करने की हिदायत दी गई है।



















