बुधवार को फर्रुखाबाद के आवास विकास स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय मे भारी गहमागहमी देखने को मिली। बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद अब यूपी की सियासत में हलचल तेज है। इसी बीच, सदर विधानसभा प्रभारी पवन कठेरिया और अमित कठेरिया के नेतृत्व में विभिन्न दलों के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी पुरानी पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और सपा का बढ़ता परिवार इस बात का सबूत है कि आने वाला समय अखिलेश यादव का है।

महासचिव इलियास मंसूरी के 3 साल बेमिसाल : कार्यकर्ताओं ने जोश के साथ मनाया जश्न
बता दें कि यह कार्यक्रम जिला महासचिव इलियास मंसूरी के कार्यकाल के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस मौके पर उनके ‘संघर्षमयी’ सफर की सराहना की गई। इलियास मंसूरी ने अपने संबोधन में विरोधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, “मैं सिर्फ काम करने में विश्वास रखता हूं, कौन क्या कहता है इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता। मेरा लक्ष्य सिर्फ समाजवादी आंदोलन को मजबूत करना है और इसे कोई नहीं रोक सकता।”
PDA आंदोलन बनाम बीजेपी : 2027 के चुनाव पर सपा की नजर
जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने हुंकार भरते हुए कहा कि PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) आंदोलन अब एक विकराल आंधी का रूप ले चुका है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अगली सरकार प्रचंड बहुमत के साथ सपा की ही बनेगी। वहीं, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने स्पष्ट किया कि बंगाल और यूपी की राजनीति अलग है, यहां की जनता सरकार की नीतियों से त्रस्त है। जिला उपाध्यक्ष रमेश चंद्र कठेरिया ने भी 2027 में ‘विभाजनकारी शक्तियों’ के धराशायी होने की बात कही।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में बनी चुनावी रणनीति
कार्यक्रम का संचालन जिला प्रवक्ता राधेश्याम सविता ने किया। इस दौरान जिला प्रवक्ता राधेश्याम सविता, डॉ. जेपी वर्मा, अजीत यादव, राजपाल यादव और इजहार खां समेत सैकड़ों पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों को सड़क से सदन तक उठाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में युवाओं की भारी भीड़ ने दर्शाया कि जिले में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।



















