जनपद फर्रुखाबाद के कंपिल थाना क्षेत्र के गांव रायपुर चिनहटपुर में बीती रात अज्ञात हमलावरों ने खेत की रखवाली के लिए झोपड़ी में सो रहे दो किसानों को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। इस दर्दनाक घटना में एक किसान की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि दूसरा किसान अपनी जान बचाने के लिए मौत से जंग लड़ रहा है।

आधी रात को हुआ मौत का तांडव : ओमकार की गई जान
प्राप्त जानकारी के अनुसार 48 वर्षीय ओमकार बहेलिया और 60 वर्षीय रामौतार यादव रविवार की रात अपने खेतों की रखवाली करने के लिए गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित अपनी झोपड़ी में सो रहे थे। सोमवार सुबह लगभग 4:30 बजे, जब चारों तरफ सन्नाटा था, तभी कुछ अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे और झोपड़ी में आग लगा दी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि सो रहे किसानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ओमकार बहेलिया आग में बुरी तरह घिर गए और उनकी तड़प-तड़प कर मौके पर ही जान चली गई।
मौत के मुंह से बच निकले रामौतार, सुनाई आपबीती
इस जानलेवा हमले में झुलसे दूसरे किसान रामौतार यादव ने किसी तरह साहस दिखाते हुए जलती हुई झोपड़ी से बाहर छलांग लगाई। रामौतार ने बताया कि जब आग लगी और उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की, तो वहां तीन अज्ञात युवक मौजूद थे। उन हमलावरों ने उन्हें वापस आग की लपटों में धकेलने का प्रयास किया। हालांकि, रामौतार किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागे और गंभीर हालत में गांव पहुंचे। ग्रामीणों को जब इस घटना का पता चला, तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया। आनन-फानन में उन्हें कायमगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

कीचड़ और बदहाली ने रोका पुलिस और दमकल का रास्ता
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके के लिए रवाना हुईं, लेकिन रास्ते की बदहाली ने राहत कार्य में बड़ी बाधा डाली। हालिया बारिश के कारण खेतों की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी कीचड़ जमा था। आलम यह था कि दमकल की गाड़ी गांव तक तो पहुंची, लेकिन घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों को पैदल ही मौके पर जाना पड़ा। मृतक ओमकार के शव को भी बैलगाड़ी के जरिए मुख्य मार्ग तक लाया गया, जो सिस्टम की लाचारी को दर्शाता है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस जांच में जुटी
मृतक ओमकार पिछले 5 सालों से गांव के ही सतीश राठौर के खेत बटाई पर लेकर खेती कर रहे थे। वह अपने पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर थे और उनके पीछे चार बेटे और दो बेटियां हैं। उनकी पत्नी गीता देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के बड़े बेटे रामनिवास ने बताया कि उनकी किसी से कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। मौके पर पहुँचे थानाध्यक्ष नितिन चौधरी और सीओ (CO) अजय वर्मा ने फॉरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि मामला बेहद संदिग्ध है और हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।



















