जनपद फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र गांव गुजरपुर पमारान में एक युवक ने अपने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को गांव से 1 किलोमीटर दूर एक मक्के के खेत में 5 फीट गहरा गड्ढा खोदकर दबा दिया। इस खौफनाक वारदात का खुलासा पूरे 9 महीने बाद हुआ है, जब पुलिस ने मुख्य आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार किया। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि उसने गला घोंटकर अपने दोस्त को मौत के घाट उतार दिया था।

बहन से छेड़खानी का बदला और खौफनाक साजिश
मृतक की पहचान 26 वर्षीय ओमवीर राठौर के रूप में हुई है, जो गांव में ही साइकिल मिस्त्री का काम करता था। आरोपी रामू यादव ने बताया कि ओमवीर उसका अच्छा दोस्त था, लेकिन एक बार जब वह उसे अपनी बहन की ससुराल लेकर गया, तो ओमवीर ने वहां उसकी बहन के साथ बदसलूकी और छेड़खानी की। इस घटना से बहन का रिश्ता खराब हो गया और रामू के मन में प्रतिशोध की आग जलने लगी। इसी रंजिश में रामू ने हत्या की साजिश रची और 20 जुलाई 2025 की शाम को ओमवीर को शराब पिलाने के बहाने खेत पर बुलाया, जहां गमछे से गला घोंटकर उसकी जान ले ली।
9 महीने तक अधिकारियों के चक्कर काटती रही बेबस पत्नी
ओमवीर की शादी तीन साल पहले ही हुई थी और उसकी कोई संतान नहीं थी। गायब होने के बाद से ही उसकी पत्नी धर्मशीला और मां राजेश्वरी देवी न्याय के लिए दर-दर भटकती रहीं। पत्नी धर्मशीला का आरोप है कि अमृतपुर थाने की तत्कालीन थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य और आईओ रवि सोलंकी ने उनकी कोई मदद नहीं की, बल्कि उल्टा उनके देवर को थाने में बैठाकर प्रताड़ित किया गया। पुलिसिया लापरवाही का आलम यह था कि 9 महीनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपी को भागने का पूरा मौका मिला।

मुख्यमंत्री दरबार से मिली न्याय की उम्मीद
जब स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो थक-हारकर धर्मशीला ने लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय (CM Office) में शिकायत दर्ज कराई। मुख्यमंत्री के दखल के बाद फर्रुखाबाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। एसपी के निर्देश पर एसओजी और सर्विलांस टीमों का गठन किया गया। जांच की आंच बढ़ते ही मुख्य आरोपी रामू यादव को पुलिस ने देहरादून से दबोच लिया। आरोपी की निशानदेही पर मजिस्ट्रेट और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में खेत में जेसीबी से खुदाई कराई गई, जहाँ से करीब 5 फीट नीचे ओमवीर का कंकाल बरामद हुआ।

खेत से मिला मौत का सबूत, पुलिस जांच जारी
खुदाई के दौरान गड्ढे से न केवल कंकाल मिला, बल्कि ओमवीर के कपड़े, तौलिया और चप्पलें भी बरामद हुईं, जिससे उसकी शिनाख्त पुख्ता हुई। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में सपा नेता और पूर्व प्रधान समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब दूसरे फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस इस हाई-प्रोफाइल केस की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है।


















