शनिवार की रात जनपद फर्रुखाबाद के कादरीगेट थाना क्षेत्र स्थित इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। बता दें कि शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव रोशनाबाद निवासी निहाल मंसूरी, जो दिल्ली में ड्राइवर हैं, ईद की छुट्टियां मनाने अपने घर आए थे। वह अपनी पत्नी शबनम और तीन बेटियों—ईनाया (5), अनाविया (4) और अयात (2) के साथ कार से अपनी ससुराल कमालगंज जा रहे थे।

लापरवाही ने ली जान : बिना इंडिकेटर मुड़ा ट्रैक्टर, कार के अंदर घुसे लोहे के पोल
हादसा रात लगभग 8 बजे हुआ। निहाल की वैगनआर कार के आगे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली चल रही थी, जिसमें बिजली के भारी-भरकम लोहे के पोल लदे थे। हाईवे पर घुप अंधेरा था और ट्रैक्टर चालक ने अचानक बिना किसी सिग्नल या इंडिकेटर के वाहन मोड़ दिया। निहाल जब तक संभल पाते, कार सीधे ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रॉली पर लदे लोहे के पोल कार के अगले शीशे को चीरते हुए अंदर घुस गए और पिछली सीट तक जा पहुंचे।

मौके पर मची चीख-पुकार : मासूम ईनाया ने अस्पताल में तोड़ा दम
हादसे को आसपास राहगीरों व ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। राहगीरों ने हिम्मत दिखाते हुए कार के शीशे तोड़े और लहूलुहान परिवार को बाहर निकाला। सभी को तत्काल एंबुलेंस की मदद से डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने 5 वर्षीय ईनाया को मृत घोषित कर दिया। वहीं, निहाल की पत्नी शबनम और दूसरी बेटी अनाविया की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। हादसे के बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।

पुलिस की कार्रवाई : अंधेरे हाईवे पर सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
हादसे की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह व सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर अंधेरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली में रिफ्लेक्टर न होना इस हादसे की बड़ी वजह बना। फिलहाल पुलिस फरार चालक की तलाश में दबिश दे रही है।


















