दिल्ली से वृंदावन तक चल रही सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में फर्रुखाबाद के दुर्वाशा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वरदास महाराज भी शामिल हुए। उन्होंने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पलवल में स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा धर्म, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संदेश है।
फर्रुखाबाद से जुड़ा सनातन गौरव
दिल्ली से वृंदावन तक निकली सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में अब फर्रुखाबाद का गौरव भी जुड़ गया है। दुर्वाशा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वरदास महाराज ने इस ऐतिहासिक यात्रा में हिस्सा लिया। यात्रा का नेतृत्व कर रहे बागेश्वर धाम सरकार के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का उन्होंने पलवल पहुंचकर भव्य स्वागत किया।
यात्रा का उद्देश्य— धर्म और एकता का संदेश
महंत ईश्वरदास महाराज ने कहा कि यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सनातन धर्म के उत्थान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना
श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण
ब्रजधाम को मांस-मदिरा मुक्त बनाना
मां यमुना को स्वच्छ करना
भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में स्थापित करना
“सनातन की रक्षा ही सच्ची सेवा” — महंत ईश्वरदास महाराज
महंत ईश्वरदास महाराज ने कहा कि सनातन हिंदू एकता पदयात्रा हिंदू समाज को जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कृति और गौ-संरक्षण के लिए हर सनातनी को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा, “सनातन की रक्षा ही सच्ची राष्ट्र सेवा है।”


















