Farrukhabad News : उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश की जनपद फर्रुखाबाद की कायमगंज इकाई ने व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत आ रही व्यावहारिक और प्रशासनिक कठिनाइयों के निस्तारण को लेकर मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी अभिषेक वर्मा के माध्यम से मुख्य कार्यकारी अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण को प्रेषित एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में व्यापारियों और निर्माताओं को बेवजह की कानूनी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक उत्पीड़न से बचाने के लिए खाद्य सुरक्षा कानून और सैंपलिंग प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण सुधार करने की पुरजोर मांग की गई है।

सैंपलिंग और लैब रिपोर्ट की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
बता दें कि व्यापारी नेताओं ने ज्ञापन के जरिए ध्यान दिलाया कि प्रदेश में जब भी किसी खाद्य सामग्री का सैंपल लिया जाता है, तो निर्माता को फॉर्म 5-क समय पर पंजीकृत डाक द्वारा नहीं भेजा जाता है, जिससे उन्हें बचाव का उचित मौका नहीं मिल पाता। इसके साथ ही, सरकारी नियमों के तहत लैब जांच रिपोर्ट 14 दिनों के भीतर आ जानी चाहिए, लेकिन अक्सर यह रिपोर्ट महीनों बाद आती है। कई बार केंद्रीय प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने तक उत्पाद की एक्सपायरी डेट ही निकल जाती है। संगठन ने मांग की है कि जांच रिपोर्ट 14 दिनों के भीतर भेजने की अनिवार्य व्यवस्था की जाए और फर्जी शिकायतों या प्राइवेट लैब की जांच के आधार पर निर्माताओं व व्यापारियों पर की जाने वाली एकतरफा कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए।
पैकिंग सामान और कीटनाशकों के मानकों पर स्पष्टता की जरूरत
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि पैक्ड सामानों में मिलावट या कमियों के लिए केवल रिटेलर या होलसेलर को जिम्मेदार ठहराना अनुचित है। रिटेल व्यापारी सीलबंद पैकिंग में कोई बदलाव नहीं कर सकता, इसलिए किसी भी कमी की स्थिति में केवल निर्माण करने वाली कंपनी या फर्म के खिलाफ ही कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा, ज्ञापन में कृषि क्षेत्र में अंधाधुंध इस्तेमाल हो रहे कीटनाशकों और रासायनिक खादों के कारण खाद्यान्न दूषित होने तथा गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ने पर चिंता जताई गई है। व्यापारियों ने मांग की कि सरकार कृषि विभाग के साथ मिलकर खाद्यान्न, कीटनाशकों और खादों के नए सिरे से कड़े मानक तय करे ताकि आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा हो सके और व्यापारियों पर बेवजह की कार्रवाई न हो।

एक देश, एक कानून और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की अपील
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि औद्योगिक इकाइयों में केंद्रीय और प्रांतीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अलग-अलग जांच व सैंपलिंग से भ्रष्टाचार और व्यापारी उत्पीड़न बढ़ रहा है। इसे समाप्त कर ‘एक देश, एक कानून, एक अधिकारी’ की पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए। इस दौरान संगठन के प्रांतीय, जिला और नगर स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों सहित मनोज कौशल, पवन गुप्ता, अमित सेठ, संजय गुप्ता, संजीव अग्रवाल, जितेंद्र रस्तोगी, अमित रस्तोगी, आलोक कुमार सक्सेना, कमलेश चंद्र भारद्वाज, संगम शाक्य, अवनीश कौशल, अनुराग राठौर, गौरव पांडेअवनीश कौशल, लखपति बघेल और दीपक शर्मा समेत दर्जनों व्यापारी मौजूद रहे और जल्द से जल्द न्यायसंगत समाधान की अपील की।


























