Farrukhabad News : जनपद फर्रुखाबाद के शमसाबाद थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में हुए चर्चित हत्याकांड मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय-प्रथम) संजय कुमार की अदालत ने आरोपी विक्रम यादव को अपनी ही बहन की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
फावड़े से वार कर ली थी बहन की जान
घटना शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव मुरैठी की है। 31 जनवरी 2017 की दोपहर करीब 2:30 बजे सुरेश यादव के बेटे विक्रम यादव ने अपनी बहन प्रतिभा पर फावड़े से हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतका प्रतिभा एक निजी स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थी। वारदात के बाद आरोपी ने खुद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था।
शक के चलते वारदात को दिया था अंजाम
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी विक्रम ने बताया कि उसे अपनी बहन के गांव के ही एक युवक के साथ प्रेम संबंध होने का शक था। इसी शक और गुस्से में आकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया था। घटना के समय विक्रम कानपुर के एक कॉलेज से बीटेक प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह तीन बहनों के बीच अकेला भाई था।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मिली सजा
पुलिस द्वारा दाखिल किए गए आरोप पत्र और अदालत में प्रस्तुत किए गए गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 18 सितंबर को आरोपी को हत्या का दोषी ठहराया था। दोनों पक्षों की बहस और दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी विक्रम को इस अपराध के लिए सख्त सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।
























