Farrukhabad News : जनपद फर्रुखाबाद में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और स्ट्रीट फूड स्टॉल्स पर इस्तेमाल होने वाले कुकिंग ऑयल को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। बार-बार एक ही तेल को गर्म करके खाना बनाने से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को स्पष्ट आदेश दिया है कि ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की गहन जांच की जाए, जो मानकों की अनदेखी कर घटिया या बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल का प्रयोग कर रहे हैं। प्रशासन के इस कदम से आम जनता की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

बार-बार तेल गर्म करने के खतरे और FSSAI के मानक
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब कुकिंग ऑयल को बार-बार तेज आंच पर गर्म किया जाता है, तो उसकी गुणवत्ता पूरी तरह समाप्त हो जाती है। इसमें टॉक्सिक और हानिकारक तत्व उत्पन्न होने लगते हैं, जो शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक साबित होते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त अजीत कुमार ने जानकारी दी कि किसी भी कुकिंग ऑयल को दो से तीन बार से ज्यादा प्रयोग में नहीं लाया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर कारण बताओ नोटिस जारी करने से लेकर उनका खाद्य लाइसेंस निलंबित या रद्द करने तक की विधिक कार्रवाई की जा सकती है।

‘कलेक्ट माय ऑयल’ पहल और सुरक्षित निस्तारण
इस्तेमाल हो चुके तेल का सही तरीके से निस्तारण करने के लिए फर्रुखाबाद में “कलेक्ट माय ऑयल” व्यवस्था की शुरुआत की गई है। इसके लिए विभाग से अधिकृत टीम के प्रतिनिधि रोहित अग्निहोत्री को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह टीम जिले के विभिन्न होटलों, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और फास्ट फूड सेंटरों से इस्तेमाल किया गया वेस्ट ऑयल सुरक्षित रूप से इकट्ठा करेगी। पुराने तेल को नाली में बहाने से नालियां जाम होती हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इसीलिए सभी व्यापारियों से अपील की गई है कि वे इस्तेमाल हो चुके तेल को रीसाइकलिंग केंद्र को सौंपें और शहर को स्वच्छ व स्वस्थ बनाने में सहयोग दें।

























