Farrukhabad News : जनपद फर्रुखाबाद में नियमों के खिलाफ और बिना वैध मानकों के संचालित प्राइवेट नर्सिंग होम व अस्पतालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग और दमकल विभाग की संयुक्त टीम ने नगर के दो पअस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जारी रही, जिससे अवैध रूप से अस्पताल चलाने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया।

डॉक्टर की गैरमौजूदगी में पैरामेडिकल स्टाफ कर रहा था इलाज
जांच टीम ने सबसे पहले नेकपुर कलां स्थित एक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, मेडिकल लाइसेंस और पैथोलॉजी वैध पाई गई, लेकिन मौके पर कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीज ओपीडी में लाइन लगाए खड़े थे और एक पैरामेडिकल स्टाफ लंबे समय से खुद मरीजों का इलाज कर रहा था। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए अधिकारियों ने कर्मचारी का कक्ष तुरंत बंद कराया और अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की संस्तुति की।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था अनभी हॉस्पिटल, कराया गया सील
इसके बाद प्रशासनिक टीम मसैनी चौराहा स्थित अनभी हॉस्पिटल पहुंची। निरीक्षण में पाया गया कि यह अस्पताल बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के जनवरी माह से संचालित किया जा रहा था। 10 बेड वाले इस अस्पताल में डॉक्टर के गायब होने के बावजूद 4-5 मरीज भर्ती मिले। कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर अधिकारियों ने मरीजों को उनकी इच्छानुसार अन्य अस्पतालों में सुरक्षित शिफ्ट कराया और अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही भर्ती मरीजों के रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए।

स्वास्थ्य व्यवस्था से खिलवाड़ पर होगी सख्त कार्रवाई
सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम और स्वास्थ्य मानकों के उल्लंघन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस कार्रवाई के दौरान डिप्टी सीएमओ आर. सी. माथुर और दमकल विभाग से एफएसओ सहित कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अस्पताल या क्लिनिक को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

























