मंगलवार को जनपद फर्रुखाबाद के कमालगंज निवासी फूलचंद वाल्मीकि का 12 वर्षीय पुत्र कृष्णा अपने कुछ दोस्तों के साथ मड़ियन घाट पर गंगा नहाने गया था। चश्मदीदों के अनुसार, नहाते समय कृष्णा अचानक गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया। साथ मौजूद बच्चों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सारी कोशिशें नाकाम साबित हुई। बच्चों का शोर सुनकर घाट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

गोताखोरों ने निकाला शव, मां का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की सूचना मिलते ही परिजन बदहवास हालत में घाट पर पहुंचे। सूचना पाकर कमालगंज थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने कृष्णा का शव गंगा नदी से बाहर निकाला। शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतक अपनी चार बहनों का इकलौता भाई था। इकलौते बेटे की इस तरह अचानक मौत से मां मोनी देवी बार-बार बेहोश हो रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, प्रशासन से गुहार
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से लगातार ऐसे हादसे हो रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए घाटों पर चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा घेरा जरूर बनाया जाए।



















