जनपद फर्रुखाबाद को पूरी तरह कुपोषण मुक्त बनाने के लिए शासन के निर्देश पर ‘सम्भव अभियान 6.0’ का बिगुल फूंक दिया गया है। जून से सितंबर तक चलने वाले इस बड़े अभियान के लिए जिले में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार का सीधा लक्ष्य 0 से 6 साल तक के बच्चों का शत-प्रतिशत वजन और लंबाई नापना है। इसके साथ ही गंभीर रूप से कुपोषित (SAM) बच्चों की पहचान कर उन्हें ई-कवच पोर्टल पर रजिस्टर किया जाएगा और जरूरी दवाएं देकर सेहतमंद बनाया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक्शन प्लान और माताओं को सीख
अभियान को जमीन पर उतारने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। जून के महीने में हर आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की सेहत का डेटा जुटाया जा रहा है। बच्चों के साथ-साथ गर्भवती और धात्री माताओं की सेहत की निगरानी भी पोषण ट्रैकर ऐप के जरिए डिजिटल तरीके से होगी। वहीं, 6 महीने से बड़े बच्चों के माता-पिता को सही खान-पान और पूरक आहार के बारे में जागरूक किया जाएगा।
सम्मान से बढ़ा हौसला, अब पहले पायदान पर नजर
फर्रुखाबाद ने कुपोषण के खिलाफ जंग में पहले भी कमाल किया है। साल 2024 में जिला प्रदेश में चौथे और 2025 में दूसरे नंबर पर रहा था। इसी शानदार रिकॉर्ड को देखते हुए 18 जून 2026 को लखनऊ में माननीय मंत्री बेबी रानी मौर्य ने जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव, सीडीपीओ मीनाक्षी सिंह, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सोनी शर्मा और सहायिका मालती शर्मा को सम्मानित किया। जिलाधिकारी महोदया ने भी जिले की इस सफलता की तारीफ करते हुए टीम को इस बार यूपी में पहला स्थान हासिल करने का गुरुमंत्र दिया।



















