जनपद फर्रुखाबाद के मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के विवाद में एक युवक ने अपनी ही प्रेमिका पर जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात के महज 72 घंटे के भीतर आरोपी को अवैध हथियार के साथ धर दबोचा है। घायल युवती का इलाज फिलहाल अस्पताल में चल रहा है।
छत पर बैठी थी सलोनी, अचानक पहुंचा विशाल
घटना 11 जून 2026 की रात की है। मऊदरवाजा क्षेत्र के मोहल्ला बीबीगंज बहादुरगंज की रहने वाली 18 वर्षीय सलोनी उस रात अपने घर की छत पर बैठी थी। इसी दौरान मोहल्ला बहादुरगंज तराई का रहने वाला विशाल कश्यप चुपके से उसके घर में घुस गया और सीधे छत पर पहुंच गया। इससे पहले कि सलोनी कुछ समझ पाती, विशाल ने तमंचा निकाला और जान से मारने की नीयत से उस पर फायर झोंक दिया। गोली सीधे सलोनी के दाहिने पैर में लगी। सलोनी की चीख-पुकार सुनकर जब तक घरवाले और आसपास के लोग मौके पर दौड़े, तब तक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से रफूचक्कर हो चुका था। खून से लथपथ सलोनी को तुरंत लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज, पुलिस ने बिछाया जाल
घटना के अगले दिन यानी 12 जून 2026 को सलोनी के भाई अरुण मौर्या ने मऊदरवाजा थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। अरुण ने पुलिस को बताया कि विशाल कश्यप ने उनकी बहन को जान से मारने के इरादे से गोली मारी है। इस प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने तत्काल तत्परता दिखाते हुए मुकदमा संख्या 217/2026 और बीएनएस (BNS) की धारा 333/352/109 के तहत केस दर्ज कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह को सौंपी गई और आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी करने लगीं।
सर्विलांस और मुखबिर का सटीक निशाना, चिलसरा रोड पर घेराबंदी
पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में दिन-रात एक किए हुए थीं। आखिरकार, मुखबिर की सटीक सूचना और सर्विलांस टीम की तकनीकी मदद से पुलिस को कामयाबी मिल गई। पुलिस ने विशाल कश्यप को चिलसरा रोड पर अमिलापुर तिराहे से करीब 20 मीटर पहले फर्रुखाबाद की तरफ आते समय चारों तरफ से घेरकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया एक अवैध देसी तमंचा (315 बोर), एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ।
“फोन नहीं उठाया तो आ गया गुस्सा” — आरोपी ने कुबूला जुर्म
पुछताछ के दौरान आरोपी विशाल कश्यप ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया। विशाल ने बताया कि उसका सलोनी (पुत्री विवेक मौर्या) के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। घटना वाली रात सलोनी ने उससे फोन पर बात करने से साफ मना कर दिया था, जिससे वह आगबबूला हो गया। इसी गुस्से में आकर उसने सलोनी को सबक सिखाने और जान से मारने की नीयत से गोली चलाई थी। विशाल ने बताया कि वह पुलिस के डर से भागा-भागा फिर रहा था और आज रात वह तमंचे व कारतूस को गंगा कटरी में फेंकने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी अजब सिंह, चौकी इंचार्ज बजरिया एसआई यतेंद्र सिंह, कांस्टेबल सौरभ चौधरी, अंकित गुर्जर और विपुल पांडे की टीम शामिल रही।



















