फर्रुखाबाद : मां की मौत, पिता जेल में, 7 अनाथ बच्चों के ‘मसीहा’ बने सपा नेता अजीत यादव – दी रोजी-रोटी

सोमवार को जनपद फर्रुखाबाद के कमालगंज विकासखंड के जरारी गांव (खलासपुर) में जनवरी महीने में सांचेलाल कठेरिया ने अपनी पत्नी अनीता देवी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस जुर्म में पिता जेल चला गया। मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद 8 बच्चे अनाथ हो गए। दुखों का पहाड़ तब टूटा जब पिछले महीने इन बच्चों की देखभाल कर रहे सबसे बड़े भाई की भी अचानक मौत हो गई। अब घर में सिर्फ 7 छोटे बच्चे (3 बेटियां, 4 बेटे) बचे, जिनके पास खाने तक को दाना नहीं था।

भूखे पेट सो रहे थे मासूम, फरिश्ता बनकर पहुंचे सपा नेता

गांव वालों के जरिए जब इस बेसहारा परिवार की खबर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव तक पहुंची, तो वह तुरंत मदद के लिए आगे आए। अजीत यादव, जिला महासचिव इलियास मंसूरी और जिला प्रवक्ता राधेश्याम सविता के साथ तुरंत पीड़ित बच्चों के घर पहुंचे। वहां हालात इतने खराब थे कि बच्चों के पास न राशन था और न खाना पकाने के लिए गैस सिलेंडर। सपा नेताओं ने तुरंत आटा, चावल, दाल, तेल और गैस सिलेंडर की व्यवस्था कराई, ताकि बच्चे भूखे न रहें।

सबसे बड़ी बेटी को दी लकड़ी की दुकान, अब खुद कमाएंगे बच्चे

सपा नेता अजीत यादव ने बच्चों को सिर्फ तात्कालिक मदद ही नहीं दी, बल्कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित किया। उन्होंने सबसे बड़ी बेटी से पूछा कि क्या वह दुकान चला पाएगी? बेटी के हां कहते ही अजीत यादव ने तुरंत एक लकड़ी की दुकान (गुमटी) की व्यवस्था की, उसमें पूरा सामान भरवाया और बच्चों के दरवाजे पर लगवा दिया। इस दुकान का उद्घाटन सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के हाथों फीता कटवाकर किया गया।

सपा नेताओं ने की भावुक अपील, बच्चों को दी आर्थिक मदद

दुकान शुरू होने पर जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि इस रोजगार से बच्चे आत्मनिर्भर बनेंगे और पार्टी हमेशा इनके साथ खड़ी रहेगी। अजीत यादव ने बच्चों को नए कपड़े भी बांटे और वादा किया कि अब ये बच्चे कभी भूखे पेट नहीं सोएंगे। इस मौके पर पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, रमेश चंद्र कठेरिया, डॉ. जेपी वर्मा और अरविंद यादव समेत कई नेताओं ने बच्चों को सामूहिक रूप से आर्थिक सहायता भी दी। नेताओं ने समाज के संपन्न लोगों से भी इन अनाथ बच्चों की मदद करने की अपील की है।

फर्रुखाबाद दर्पण
फर्रुखाबाद दर्पण
Amar Agnihotri
Author: Amar Agnihotri

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