सोमवार को जनपद फर्रुखाबाद के कंपिल थाना क्षेत्र के गांव कमरुद्दीननगर में किसान रामपाल और दबंगों के बीच जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि जब रामपाल अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी दबंगों ने लाठी-डंडों के साथ उन पर और उनकी बेटी किरण पर जानलेवा हमला कर दिया। इस मारपीट में किसान और उनकी बेटी बुरी तरह लहूलुहान हो गए।

थाने में इंसाफ की जगह मिली बेरुखी
घायल रामपाल अपनी बेटी और बेटे प्रवेश कुमार के साथ न्याय की गुहार लगाने कंपिल थाने पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि इससे पहले 3 अप्रैल को भी पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस ने दबंगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। सोमवार को भी जब पुलिस ने टालमटोल की, तो अपमान और डर से टूटे किसान के बेटे प्रवेश ने थाने के परिसर में ही जहर गटक लिया।

इलाज के लिए मची अफरा-तफरी, हालत नाजुक
जहर पीने के तुरंत बाद प्रवेश की हालत बिगड़ने लगी और वह अचेत हो गया। आनन-फानन में पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कायमगंज पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं, किसान रामपाल और उनकी बेटी किरण का भी मेडिकल परीक्षण कराया गया है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक आम आदमी को न्याय के लिए अपनी जान दांव पर क्यों लगानी पड़ रही है?

पुलिस की नींद खुली, 8 लोगों पर FIR दर्ज
युवक के आत्मघाती कदम उठाने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। थाना प्रभारी दिनेश यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर लोकेंद्र सहित आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीणों और परिजनों में पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।



















