फर्रुखाबाद जनपद के सभी स्कूलों को अब अपने वाहनों का पूरा कच्चा-चिट्ठा परिवहन और शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसमें न केवल बस की फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस और प्रदूषण सर्टिफिकेट की जानकारी देनी होगी, बल्कि ड्राइवर का लाइसेंस और उसके चरित्र सत्यापन (Character Verification) की रिपोर्ट भी लगानी होगी। साथ ही, स्कूल को एक शपथ पत्र भी देना होगा कि दी गई जानकारी पूरी तरह सही है।
1 अप्रैल से सड़कों पर उतरेगी पुलिस और परिवहन विभाग की टीम
शासन के आदेश पर 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने साफ कर दिया है कि जो भी स्कूल बस या वैन अनफिट पाई गई, उसे तुरंत सीज कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, लापरवाही बरतने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश भी बीएसए (BSA) और डीआईओएस (DIOS) को दे दिए गए हैं।
फर्रुखाबाद में 130 बसों की फिटनेस फेल, 33 गाड़ियां तो कबाड़ हो चुकीं
आंकड़ों की बात करें तो फर्रुखाबाद में स्कूलों के नाम पर 486 वाहन रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से 130 की फिटनेस खत्म हो चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि 33 वाहन तो 15 साल से भी ज्यादा पुराने हैं, जबकि नियम के मुताबिक स्कूली वाहन 15 साल से ज्यादा नहीं चलाए जा सकते। इसके अलावा 218 वाहनों के परमिट भी एक्सपायर हो चुके हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो वाहन कंडम हो चुके हैं, उनका रजिस्ट्रेशन तुरंत निरस्त करा लें, वरना सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।


















