फर्रुखाबाद : पूर्व सपा विधायक के घर जोरदार धमाका, मलबे में तब्दील हुई छत – बेटों समेत 6 लोग गंभीर घायल

मंगलवार की देर शाम फर्रुखाबाद के ‘नाला मछरट्टा’ स्थित पूर्व सपा विधायक विजय सिंह के आवास पर एक जोरदार धमाका हुआ। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि न केवल विधायक का चार मंजिला मकान हिल गया, बल्कि आसपास की दुकानों और घरों में भी कंपन महसूस किया गया। धमाके की गूंज सुनते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सड़कों पर दौड़ पड़े।

फर्रुखाबाद
अस्पताल में भर्ती विधायक के बेटे अभिषेक व अविनाश

पूर्व विधायक के दोनों बेटों सहित 6 लोग गंभीर रूप से घायल

इस हादसे में पूर्व विधायक विजय सिंह के दोनों बेटे, अभिषेक सिंह उर्फ सिक्की और अविनाश सिंह उर्फ विक्की, बुरी तरह घायल हो गए हैं। घटना के समय घर में पूर्व पालिका अध्यक्ष और विधायक की पत्नी दमयंती सिंह भी मौजूद थीं, जो उस वक्त पूजा कर रही थीं। घायलों में बेटों के अलावा गांव नूरपुर के प्रधान भैयालाल चौहान, मोहल्ला राजीव गांधी नगर के राशू, ईशू चौरसिया और रामवीर सिंह शामिल हैं। सभी घायलों को तत्काल साहबगंज स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां भैयालाल की हालत नाजुक होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया है।

फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद

चार मंजिला मकान को भारी नुकसान, साजिश की आशंका

धमाका मकान के बेसमेंट में हुआ, जिसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि बेसमेंट की छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इतना ही नहीं, चौथी मंजिल तक की खिड़कियां, दरवाजे और रेलिंग टूट कर गिर गए। रसोई में रखा सारा सामान बिखर गया। पूर्व पालिका अध्यक्ष दमयंती सिंह ने इस घटना को एक गहरी साजिश करार दिया है। उन्होंने आशंका जताई है कि किसी ने जानबूझकर उनके परिवार को निशाना बनाने के लिए इस धमाके को अंजाम दिया है। बता दें कि विजय सिंह वर्तमान में ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में बनारस जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद

पुलिस छावनी में तब्दील हुआ इलाका, फॉरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (DM) आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक (SP) आरती सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय फॉरेंसिक टीम के साथ-साथ कन्नौज से भी एक्सपर्ट्स की टीम बुलाई गई है। इसके अलावा, किसी अन्य विस्फोटक की संभावना को देखते हुए कानपुर से ‘बम निरोधक दस्ता’ (BDDS) को भी तलब किया गया है। एसपी आरती सिंह का कहना है कि अभी धमाके के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।

अस्पताल में उमड़ी भीड़, हाई अलर्ट पर प्रशासन

जैसे ही यह खबर शहर में फैली, घायलों को देखने के लिए अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोग आईसीयू तक घुस गए, जिससे अस्पताल प्रशासन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस ने मोर्चा संभाला और अस्पताल परिसर को खाली कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। खुद मुख्यमंत्री कार्यालय और डीजीपी मुख्यालय इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और अधिकारियों को निष्पक्ष एवं कड़ी जांच के निर्देश दिए गए हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें