जनपद फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव पकरा निवासी 28 वर्षीय राजमिस्त्री लंकुश सुबह खेत पर आलू खोदने गया था। याकूतगंज रेलवे स्टेशन के पास स्थित अपने खेत पर काम करने के दौरान वह अचानक लापता हो गया। जब शाम तक वह घर नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई। काफी तलाश के बाद सूचना मिली कि लंकुश तालाब के पास बेसुध पड़ा है।
लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
आनन-फानन में परिजन मौके पर पहुंचे और लंकुश को निजी वाहन से लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर आए। यहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद लंकुश को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के अनुसार, युवक को बेहद गंभीर और बेहोशी की हालत में लाया गया था, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं। इस खबर के मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार मच गई।
चार भाइयों में तीसरे नंबर का था लंकुश, पुलिस जांच में जुटी
मृतक लंकुश अभी अविवाहित था और अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का हाथ बटाता था। उसकी अचानक मौत से घर का चिराग बुझ गया है और पूरे गांव में शोक की लहर है। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने शव को मर्चरी में रखवा दिया है। मौत की असली वजह क्या है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। पुलिस फिलहाल मामले की गहनता से जांच कर रही है।


















