जनपद फर्रूखाबाद के जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जिले में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट आदेश दिए कि अब अगर किसी वाहन से दुर्घटना होती है, तो पुलिस और परिवहन विभाग तुरंत ड्राइविंग लाइसेंस (DL) निरस्त करने की कार्रवाई करेंगे। मोटर वाहन अधिनियम की धारा-19 के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले या बार-बार नियम तोड़ने वाले ‘आदतन अपराधियों’ पर नकेल कसी जाएगी। अब हर महीने होने वाले हादसों की रिपोर्ट सीधे एआरटीओ को भेजी जाएगी ताकि दोषियों के लाइसेंस रद्द किए जा सकें।

जनवरी में बढ़े सड़क हादसे: आंकड़ों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
बैठक के दौरान एआरटीओ ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। बताया गया कि जनवरी 2026 में जनपद में 42 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 26 लोगों की जान गई। पिछले साल (जनवरी 2025) के मुकाबले यह संख्या काफी अधिक है। चिंता की बात यह है कि मुख्य जिला मार्गों और ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर मौतों का आंकड़ा बढ़ा है। इसी को देखते हुए DM ने एम्बुलेंस के ‘रिस्पॉन्स टाइम’ को कम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस को मौके पर पहुंचने में हो रही देरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पीएम राहत योजना: घायलों को मिलेगा 1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज
सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर भी है। बैठक में ‘पीएम राहत योजना’ (पुरानी नकदी रहित उपचार स्कीम 2025) को लेकर विशेष चर्चा हुई। इस योजना के तहत सड़क हादसे के पीड़ितों को दुर्घटना के पहले 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को इस योजना का प्रशिक्षण लेने और इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं ताकि गोल्डन आवर में किसी की जान न जाए।


















