उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के अमापुर थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। शनिवार को यहाँ एक बंद मकान के भीतर एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि यह घर पिछले तीन दिनों से बंद था। जब पड़ोसियों ने घर में कोई हलचल नहीं देखी और बदबू का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब घर का ताला तोड़ा, तो अंदर का नजारा देख अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए।

वेल्डिंग कारोबारी श्यामवीर और मासूम बच्चों की मौत से उठे सवाल
मृतकों की पहचान 50 वर्षीय श्यामवीर, उनकी पत्नी शीला (48), बेटी आकांक्षा (10), प्राची (12) और बेटे ग्रीस (8) के रूप में हुई है। श्यामवीर पहले अमापुर कस्बे में साझेदारी में वेल्डिंग की दुकान चलाता था, लेकिन कुछ साल पहले उसने अपने घर के बाहरी हिस्से में ही दुकान खोल ली थी। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि श्यामवीर ने पहले अपने परिवार को कोई जहरीला पदार्थ खिलाया और फिर खुद फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस को श्यामवीर का शव फंदे से लटकता मिला, जबकि बाकी सदस्य बिस्तर पर मृत पड़े थे।

आर्थिक तंगी या कोई और रंजिश ? जांच में जुटी पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएम प्रणय सिंह, एसपी अंकिता शर्मा और अलीगढ़ मंडल के डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने खुद मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि श्यामवीर पिछले कुछ समय से भारी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था, जिसे खुदकुशी की बड़ी वजह माना जा रहा है। हालांकि, एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि घर में किसी बाहरी व्यक्ति के जबरन घुसने के निशान नहीं मिले हैं, फिर भी पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने मौके से कई सैंपल लिए हैं और पूरी घटना की वीडियोग्राफी कराई गई है।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, विधायक ने भी जताया दुख
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। भाजपा विधायक हरिओम वर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का सटीक पता चल पाएगा। फिलहाल, पुलिस श्यामवीर के पिता नेम सिंह और अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है ताकि इस सामूहिक मौत के पीछे के असली सच का पता लगाया जा सके।


















