फर्रुखाबाद के कायमगंज में 23 साल पुराने सनसनीखेज हत्याकांड में आखिरकार न्याय की जीत हुई है। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट तरुण कुमार सिंह ने शनिवार को अहम फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी। अदालत ने दोषियों पर कुल 1.70 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
क्या था पूरा मामला?
मामला 3 अप्रैल 2002 का है। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अताईपुर में ट्रैक्टर चालक ईश्वर दयाल उर्फ पप्पू की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। रात करीब 9:30 बजे ईश्वर दयाल ट्यूबवेल से बाइक से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी।
गोलियों की आवाज से मचा हड़कंप
फायरिंग की आवाज सुनकर गांव के राजेश कुमार मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां सड़क पर ईश्वर दयाल का शव पड़ा था और उनकी बाइक पास ही खड़ी मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीन से चार बदमाश फायरिंग करते हुए उत्तर दिशा की ओर भागते हुए दिखे। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
पुलिस जांच और आरोपियों की पहचान
घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान ग्राम अताईपुर निवासी सुग्रीव और देशराज, नोनियमगंज निवासी राजेश अग्रवाल और पृथ्वीदरवाजा निवासी सिकंदर के नाम सामने आए। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत
मामले की लंबी सुनवाई के दौरान अभियुक्त सुग्रीव की मृत्यु हो गई, जिसके चलते उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई। शेष तीन आरोपियों पर ट्रायल चलता रहा। दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों को हत्या का दोषी माना।
23 साल बाद पीड़ित परिवार को राहत
अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को लंबे इंतजार के बाद न्याय मिला है। यह फैसला न सिर्फ फर्रुखाबाद बल्कि पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और यह संदेश देता है कि कानून देर से सही, लेकिन न्याय जरूर देता है।


















