कायमगंज कोतवाली में तैनात अपराध निरीक्षक मोहम्मद कामिल ने कड़ाके की ठंड में ऐसा काम कर दिखाया, जिसने पुलिस की छवि को और मजबूत किया। देर रात गश्त के दौरान जब पूरा कस्बा ठंड से सिमटा हुआ था, तभी उनकी नजर कोतवाली गेट के नजदीक बने मंदिर के पास बैठी एक बुज़ुर्ग महिला पर पड़ी, जो सर्दी से कांप रही थी।

ठिठुरती बुज़ुर्ग को देख दरोगा का पसीजा दिल
बुज़ुर्ग महिला की हालत देखकर दरोगा मोहम्मद कामिल का दिल भर आया। बिना किसी औपचारिकता के उन्होंने महिला को सहारा दिया और तुरंत कोतवाली के अंदर ले आए। यह कोई सरकारी ड्यूटी नहीं थी, बल्कि एक इंसान का दूसरे इंसान के लिए किया गया नेक काम था।

अपने हाथों से खिलाया खाना, पहनाए गर्म कपड़े
थाने के अंदर लाकर उन्होंने बुज़ुर्ग को कुर्सी पर बैठाया और अपने हाथों से खाना खिलाया। इसके बाद ठंड से बचाने के लिए उसे गर्म स्वेटर, जूते और मोजे पहनाए गए। ऊपर से कंबल ओढ़ाकर पूरी तरह ठंड से सुरक्षित किया गया, ताकि बुज़ुर्ग को राहत मिल सके।

आशीर्वाद में बदली बेबसी
गर्म कपड़े और भोजन पाकर बुज़ुर्ग महिला की आंखों में आंसू आ गए। उसने दरोगा मोहम्मद कामिल को दिल से दुआएं और आशीर्वाद दिया। यह पल साबित करता है कि पुलिस सिर्फ कानून ही नहीं, बल्कि संवेदनाओं की भी रक्षक है।

कायमगंज पुलिस की हर तरफ तारीफ
इस मानवीय पहल की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों ने कायमगंज पुलिस की जमकर तारीफ की। लोगों का कहना है कि ऐसे अफसर वर्दी की सच्ची पहचान होते हैं, जो जरूरतमंद की मदद को सबसे ऊपर रखते हैं।


















