बुधवार को जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज ब्लॉक परिसर में जिला गंगा समिति की ओर से तंबाकू और खैनी से होने वाले प्रदूषण को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के साथ-साथ आमजन को स्वास्थ्य की सुरक्षा प्रदान करना था। बैठक में प्रदूषण और पर्यावरण से जुड़े विशेषज्ञों के साथ प्रशासनिक अधिकारी और तंबाकू कारोबारी मौजूद रहे।
बिना पंजीकरण तंबाकू व्यापार न करें व्यापारी
बैठक में प्रदूषण विशेषज्ञ गुंजा जैन ने साफ शब्दों में कहा कि ब्लॉक क्षेत्र में तंबाकू का व्यवसाय करने वाले सभी व्यापारियों का पंजीकरण अनिवार्य है। नगर के कई ऐसे व्यापारी भी है स्वयं के नाम से पंजीकरण न कराकर दूसरों के पंजीकरण पर कारोबार कर रहे हैं। ऐसे व्यापारियों को स्वयं के व्यापार का पंजीकरण कर लेना चाहिए।

खुले में मशीनें लगाने पर चेतावनी
पर्यावरण विशेषज्ञों ने कहा कि तंबाकू काटने वाली मशीनें खुले में लगाना पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरनाक है। निर्देश दिए गए कि मशीनों को कपड़े से ढककर रखा जाए और साइक्लोन या डस्ट कलेक्टर जरूर लगाए जाएं, ताकि तंबाकू की धूल और कण हवा में न फैलें। इससे आसपास रहने वाले लोगों को होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।
कर्मचारियों की सेहत सर्वोपरि
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि तंबाकू इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए दस्ताने और मास्क का उपयोग अनिवार्य होगा। इसके साथ ही व्यापारियों को निर्देश दिए गए कि वे हर महीने सभी कर्मचारियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराएं, जिससे किसी भी गंभीर बीमारी से समय रहते बचाव किया जा सके।
बैठक के दौरान मौजूद रहे
बैठक के दौरान जिला गंगा समिति के अध्यक्ष निहारिका पटेल, वैज्ञानिक सलाहकार एसडी सिंह, जूनियर इंजीनियर दीपक प्रसाद, व्यापारी उमेश गुप्ता, अंकित अग्रवाल, संजीव कुमार अग्रवाल, राघव अग्रवाल, हिमांशु रस्तोगी, अंकुर मिश्रा, महेंद्र राजपूत, संजय अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, योगेंद्र सिंह, अनिल गुप्ता, मयंक दुबे, आशीष कुमार, शशांक गुप्ता, प्रशांत कुमार, प्रदीप कुमार, मनोज कौशल व आदेश अग्निहोत्री समेत व्यापारी मौजूद रहे।


















