फर्रुखाबाद के इटावा–बरेली हाईवे NH-730C पर शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। नेकपुर एसआर कोल्ड की गली में रहने वाली शिक्षामित्र अर्चना चौहान स्कूटी से मोहम्मदाबाद के मुडगांव प्राथमिक विद्यालय में अपनी ड्यूटी (SIR) के लिए जा रही थीं। जेएस ग्रुप मेडिकल कॉलेज के सामने पीछे से आए तेज रफ्तार डंपर ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि वह करीब 50 मीटर तक सड़क पर घसीटती चली गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

परिजनों का फूट पड़ा गुस्सा—हाईवे पर जाम, शव उठाने से इनकार
हादसे की खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और हाईवे पर जमकर हंगामा किया। परिवार का साफ कहना था—
“जब तक डीएम मौके पर आकर यह भरोसा नहीं देते कि कल से डिवाइडर का काम शुरू होगा, तब तक शव नहीं उठेगा।”

मौके पर SDM सदर रजनीकांत पांडे, SDM रविंद्र सिंह, CO सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय, और कादरी गेट पुलिस पहुंची और परिजनों को शांत करने की कोशिश की। परिजन लगातार हाईवे की खराब स्थिति को इस हादसे का जिम्मेदार बता रहे थे।

डंपर चालक मेडिकल कॉलेज की ओर भागा, स्टाफ पर सहयोग न करने का आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद डंपर चालक JS ग्रुप की ओर भागकर अंदर घुस गया। लोगों ने इंस्टिट्यूट के अंदर जाकर आरोपी की तलाश भी की, लेकिन वह नहीं मिला। भीड़ ने आरोप लगाया कि स्टाफ ने भी जानकारी छुपाने की कोशिश की, जिससे गुस्सा और बढ़ गया।

मां की मौत से टूटा परिवार—तीन बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल
अर्चना चौहान अपने पीछे तीन बेटियां छोड़ गई हैं। महिला की अचानक मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिवार वालों का कहना है कि हाईवे पर डिवाइडर न होने की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती।


















