9 साल से अटकी मांगें: कायमगंज तहसील में लेखपालों का फूटा गुस्सा, शांतिपूर्ण धरना शुरू—सरकार को चेतावनी

कायमगंज तहसील में शनिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों ने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन शुरू किया। उनका कहना है कि सरकार लगातार पत्राचार, वार्ता और आदेशों के बावजूद उनकी मूल समस्याओं पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही।

9 साल से लंबित मांगें, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

लेखपालों का कहना है कि पिछले नौ साल से शैक्षणिक योग्यता व पदनाम परिवर्तन, प्रारंभिक वेतनमान बढ़ाने, एसीपी सुधार, मृतक आश्रितों को पुरानी पेंशन, राजस्व निरीक्षक व नायब तहसीलदार के पद सृजन की मांगें ठंडे बस्ते में पड़ी हैं।

भत्ता बढ़ाने की मांग – 100 से 1000 रुपए तक

लेखपालों ने स्टेशनरी और विशेष वेतन भत्ता बढ़ाने की मांग की है। वे स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपए और विशेष भत्ता 2500 रुपए करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा यात्रा भत्ते की जगह वाहन भत्ता देने की भी मांग उठाई गई है।

स्थानांतरण नीति लागू नहीं, 2018 से आदेश पेंडिंग

संघ का कहना है कि प्रदेश के करीब 3000 लेखपाल अपने घरों से सैकड़ों किलोमीटर दूर कार्य कर रहे हैं, लेकिन 2018 के आदेश के बावजूद स्थानांतरण सूची जारी नहीं की गई। इससे परिवार और नौकरी दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

डीपीसी रुकने और मनमाने ट्रांसफर पर नाराजगी

संघ ने बताया कि 2025-26 में राजस्व निरीक्षक पद की डीपीसी भी अभी तक नहीं की गई। वहीं सक्रिय पदाधिकारियों को मनमाने तरीके से ट्रांसफर किया जा रहा है, जो बेहद निराशाजनक है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

1 नवंबर को मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिए जाने के बाद भी कोई फैसला नहीं हुआ। लेखपालों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

Amar Agnihotri
Author: Amar Agnihotri

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