गुरुवार को जनपद फर्रुखाबाद के शमशाबाद थाना क्षेत्र के गांव पुलियापुर चंपातपुर में टूटी पड़ी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 8 साल के मासूम दर्दनाक मौत हो गई। मृतक मासूम की पहचान उलियापुर गांव निवासी सुरजीत जाटव के 8 वर्षीय पुत्र मयंक के रूप में हुई। बता दें कि मयंक अपने भाई अंकुर और अवनीश के साथ खेत पर मक्के की रखवाली कर रहे बाबा सोनेलाल के पास गया था। अचानक तेज बारिश शुरू होने पर तीनों बच्चे घर वापस लौटने लगे। इसी दौरान रास्ते में चकरोड पर बिजली का हाईटेंशन तार टूटा हुआ पड़ा था, जिसका शिकार मयंक हो गया।
लाठी के सहारे तार से छुड़ाया, पर थम चुकी थीं सांसे
करंट लगते ही साथ मौजूद बच्चों ने शोर मचाया और खेत पर मौजूद बाबा सोनेलाल को जानकारी दी। बाबा ने आनन-फानन में हिम्मत दिखाते हुए लाठी की मदद से मयंक को करंट वाले तार से अलग किया। इसके बाद घरवाले मासूम को तुरंत घर ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मासूम मयंक की मौत की सूचना पर मां ललिता देवी का रो रोकर बर हाल है वहीं परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

एक साल से टूटा था तार, जाँच में जुटे अधिकारी
हादसे के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के चाचा ने आरोप लगाया कि यह हाईटेंशन लाइन पिछले लगभग एक साल से टूटी पड़ी थी। वहीं दूसरी तरफ, इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए जेई जुनेद आलम ने बताया कि बरसात में बाढ़ के कारण यह लाइन टूटी थी, जिसके बाद नई केबल डलवाकर बिजली चालू की गई थी। अब जमीन पर पड़े इस तार में अचानक करंट कहाँ से और कैसे आया, इसकी पूरी जाँच की जाएगी।



















