फर्रुखाबाद : जमीनी विवाद को लेकर दो प्रधानों के बीच खूनी संघर्ष, जमकर चले लाठी-डंडों के कई राउंड फायरिंग – 2 को लगी गोली

सोमवार को जनपद फर्रुखाबाद के मोहम्मदबाद थाना क्षेत्र में एक लंबे समय से चले आ रहे जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बता दें कि दो मौजूदा ग्राम प्रधान पक्षों के बीच जमीनी विवाद को लेकर कहा सुनी ही गई और देखते ही देखते दोनों तरफ से लाठी-डंडे, लोहे की रॉड निकल आईं और फिर कई राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। फायरिंग के दौरान दो लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में गांव निसाई ग्राम पंचायत की प्रधान गीता चौहान के पति सत्येंद्र सिंह और उनका बेटा शामिल हैं। घटना के तुरंत बाद दोनों को आनन-फानन में इलाज के लिए के.एम. द्विवेदी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद

रविवार को शुरू हुई थी रंजिश की चिंगारी

चश्मदीदों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस बवाल की शुरुआत रविवार 5 जुलाई की शाम को ही हो गई थी। जब गांव मुड़गांव के ग्राम प्रधान रामनारायण गाटा संख्या 818 वाली जमीन पर ट्रैक्टर से जुताई करवा रहे थे। इसी बीच गांव निसाई के प्रधान पति सत्येंद्र सिंह अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने इस जमीन को सरकारी और निसाई ग्राम पंचायत की संपत्ति बताते हुए काम को रुकवाने की कोशिश की। इसी बात को लेकर रविवार शाम को भी दोनों पक्षों में जमकर लात-घूंसे और मारपीट हुई थी। इसके बाद प्रधान गीता चौहान की तरफ से मोहम्मदबाद थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। कोतवाली प्रभारी मदन मोहन चतुर्वेदी ने मामले को शांत करने के लिए दोनों पक्षों से तीन-तीन लोगों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी की थी।

सोमवार को गोलियों की गूंज से मची अफरा-तफरी

रविवार के विवाद के बाद सोमवार को मामला और ज्यादा बिगड़ गया। जब मुड़गांव के प्रधान पक्ष के लोग दोबारा उसी विवादित जमीन पर निर्माण कार्य कराने के इरादे से पहुंचे, तो निसाई प्रधान पक्ष भी वहां डट गया। दोनों तरफ से लोग पूरी तैयारी के साथ आए थे। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडों के साथ-साथ सीधे बंदूकें तन गईं। कई राउंड हुई फायरिंग की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही मोहम्मदबाद थाना पुलिस के साथ-साथ आसपास के कई थानों की भारी पुलिस फोर्स और अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह खुद मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर खोखे और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। एहतियात के तौर पर मोहम्मदबाद, नवाबगंज और शमशाबाद थानों का पुलिस बल गांव में तैनात कर दिया गया है।

मोहम्मदबाद
मोहम्मदबाद

पुलिस की ढिलाई पर भड़के स्थानीय लोग

इस खूनी वारदात के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी और गुस्सा देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि अगर पुलिस ने रविवार को दी गई शिकायत पर समय रहते सख्त और बड़ी कार्रवाई की होती, और दोनों ही गुटों के खिलाफ पुख्ता प्रतिबन्धात्मक कदम उठाए होते, तो सोमवार को हुई यह खूनी वारदात और गोलीबारी आसानी से टाली जा सकती थी। पुलिस की लापरवाही की वजह से आज दो लोगों की जान आफत में आ गई। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि मामले की जांच बहुत गंभीरता से की जा रही है। रविवार की तहरीर के आधार पर निसाई प्रधानपति सत्येंद्र, उनके बेटे अमन, अभय और दूसरे पक्ष से मुड़गांव प्रधान रामनारायण, उनके बेटे हितेश व मनीष समेत अन्य पर 1716 के तहत कार्रवाई की गई है और जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।

फर्रुखाबाद दर्पण
फर्रुखाबाद दर्पण
Amar Agnihotri
Author: Amar Agnihotri

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