जनपद फर्रुखाबाद की कायमगंज तहसील के शमसाबाद इलाके में जिस औद्योगिक कॉरिडोर का सपना देखा जा रहा था, वह अब सच होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण के आदेश पर जिला प्रशासन ने जमीन खरीदने की तैयारी सुपरफास्ट कर दी है। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए कायमगंज तहसील के 16 गांवों की करीब 1100 हेक्टेयर जमीन की पहचान कर ली गई है, जिससे अब विकास को नई उड़ान मिलेगी।
किसानों की मर्जी से सीधे खरीदी जाएगी जमीन
अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार के नए आदेश के मुताबिक, चिन्हित किए गए 16 गांवों की जमीन और वहां बने मकान-दुकान जैसी संपत्तियों को बेचने की कागजी कार्रवाई के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। खास बात यह है कि सरकार किसी के साथ जबरदस्ती नहीं करेगी। सरकारी नियमों के तहत किसानों की आपसी रजामंदी और सही दाम देकर सीधे ‘यूपीएडा’ के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराई जाएगी। इसके लिए तहसीलदार हर्षित सिंह और नायब तहसीलदार अनवर हुसैन को पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन 16 गांवों में खुलेगा तरक्की का रास्ता
प्रशासन ने जिन गांवों की जमीन को इस बड़े कॉरिडोर के लिए चुना है, उनमें असगरपुर, शाहपुर दासू, बछलइया, कैयरखेड़ा, नगला नान, बैरमपुर, इस्माइलपुर, चिलसरा, सादिकपुर, रोशनाबाद, भटपुरा, कासिमपुर सानी और अमल्लैया जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन गांवों के आस-पास का पूरा इलाका आने वाले दिनों में फैक्ट्रियों और फैक्ट्रियों की रोशनी से जगमगाएगा।
लाखों का निवेश और युवाओं को बंपर रोजगार
तहसीलदार हर्षित सिंह ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के पास बनने वाले इस औद्योगिक कॉरिडोर से पूरे क्षेत्र का हुलिया बदल जाएगा। यहां बड़ी-बड़ी कंपनियां करोड़ों रुपये का निवेश करेंगी, जिससे नए-नए उद्योग धंधे शुरू होंगे। सबसे बड़ा फायदा यहां के स्थानीय युवाओं को होगा, जिन्हें अपने ही घर के पास हजारों की संख्या में नई नौकरियां और रोजगार के मौके मिलेंगे। इससे पूरे फर्रुखाबाद जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।



















