गुरुवार को जनपद फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। भारी संख्या में कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। कर्मचारियों का साफ कहना है कि वे लंबे समय से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त रखने में अपना खून-पसीना बहा रहे हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुसीबत में साथ देने वालों के साथ क्यों हो रहा सौतेला व्यवहार?
संयुक्त उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि कोरोना काल जैसी भयंकर महामारी में भी उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में अपनी जान की परवाह न करते हुए दिन-रात काम किया। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाले इन कर्मियों को आज तक नौकरी की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाए हैं। इससे कर्मचारियों के बीच भारी असुरक्षा और नाराजगी का माहौल बना हुआ है।
स्वास्थ्य बीमा और समान वेतन की उठाई पुरजोर मांग
संघ के अध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा कि अगर सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना चाहती है, तो उसे कर्मचारियों की समस्याओं को तुरंत सुलझाना होगा। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने स्वास्थ्य बीमा लागू करने, वेतन की विसंगतियों को दूर करने, एक स्पष्ट वेतनमान नीति बनाने और आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे कर्मियों के लिए सेवा सुरक्षा व समायोजन नीति तैयार करने की जोरदार मांग की है। इस मौके पर डॉ. सुधीर कुमार, नरेंद्र मिश्रा, रत्नेश कुमार, संजीव कुमार, ज्योति सिंह और सौरभ रतन देव यादव सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।



















