जनपद फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ स्थित सिखलाई रेजिमेंट के एमटीसी क्वार्टर की एक खाली बैरक में एक अग्निवीर का शव फंदे से लटका हुआ मिला है। मृतक जवान पिछले तीन दिनों से अपनी बटालियन से अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद रेजिमेंट के भीतर उसकी लगातार तलाश की जा रही थी। बुधवार को जब उस खाली बैरक के पास से बेहद तेज बदबू आने लगी, तो वहां मौजूद स्टाफ को शक हुआ। इसके बाद तुरंत स्थानीय फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस को मामले की सूचना दी गई।

दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस और फॉरेंसिक टीम
सूचना मिलते ही सेंट्रल जेल चौकी प्रभारी शिवकुमार अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। जब पुलिस ने बैरक का बंद दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए। अग्निवीर जसनप्रीत का शव छत से फंदे के सहारे लटक रहा था। शव करीब दो से तीन दिन पुराना होने के कारण काफी हद तक सड़ चुका था और उससे भारी बदबू आ रही थी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य और सबूत जुटाए।
पंजाब का रहने वाला था मृतक जवान, जांच जारी
मृतक अग्निवीर की पहचान 22 वर्षीय जसनप्रीत के रूप में हुई है, जो पंजाब के बरनाला जिले के तालेवाल थाना क्षेत्र के गांव भगतगढ़ का निवासी था। जसनप्रीत इसी साल मार्च के महीने में ट्रेनिंग के लिए फतेहगढ़ की सिखलाई रेजिमेंट की एडम बटालियन में आया था। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि अग्निवीर ने बैरक की कुंडी अंदर से बंद करके फंदा लगाया था। फतेहगढ़ कोतवाल तेज सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को सम्मान सहित यूनिट के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी फंदा लगने से करीब दो दिन पहले मौत होने की पुष्टि हुई है।



















