शनिवार को जनपद फर्रुखाबाद के शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव नरूआ नगला में एक हादसा हो गया। गांव निवासी जय शरन राजपूत के मकान का पुराना लेंटर तोड़ने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक पूरा लेंटर भरभराकर नीचे गिर गया। मलबे के नीचे दबने से वहां काम कर रहे एक मजदूर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और भारी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

शाहजहांपुर से काम की तलाश में आए थे सुरेश, शुक्रवार रात को ही पहुंचे थे फर्रुखाबाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जय शरन राजपूत के घर पर लेंटर तोड़ने के काम के लिए शाहजहांपुर जनपद के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव कुनिया नजीर से दो मजदूर बुलाए गए थे। 50 वर्षीय सुरेश और उनके साथी रामवीर शुक्रवार की रात को ही ई-रिक्शा में सवार होकर यहां पहुंचे थे। शनिवार सुबह दोनों ने रोजाना की तरह अपना काम शुरू ही किया था कि अचानक मौत बनकर गिरे लेंटर ने सुरेश को अपनी चपेट में ले लिया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई सांसें, परिवार का इकलौता सहारा थे सुरेश
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों और साथी मजदूर ने कड़ी मशक्कत कर सुरेश को मलबे से बाहर निकाला। उन्हें आनन-फानन में नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही सुरेश की सांसें थम चुकी थीं। सूचना मिलते ही शमसाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक सुरेश बेहद गरीब थे और मजदूरी करके अपने दो बेटों और चार बेटियों का पेट पालते थे। पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था, अब पिता के जाने से बच्चों के सिर से साया उठ गया है।



















