उत्तर प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। परिवहन विभाग की ताजा समीक्षा में यह खुलासा हुआ है कि पूरे प्रदेश में 11,357 स्कूली वाहनों का परमिट खत्म हो चुका है, फिर भी वे सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। कानपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले कानपुर नगर, देहात, इटावा, औरैया, कन्नौज और फर्रुखाबाद में ऐसी बसों की भरमार है। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बिना परमिट वाहन चलाने वाले स्कूलों को भारतीय डाक के जरिए नोटिस भेजना शुरू कर दिया है।

फर्रुखाबाद में 92 बसों पर संकट : एआरटीओ को मिले कार्रवाई के निर्देश
फर्रुखाबाद जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा दांव पर है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जिले में कुल 92 ऐसे स्कूली वाहन चिह्नित किए गए हैं जो नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इनमें 79 वाहन बिना किसी वैध परमिट के चल रहे हैं, जबकि 13 वाहनों का परमिट काफी समय पहले ही समाप्त हो चुका है। कानपुर के संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO) राकेश कुमार सिंह ने फर्रुखाबाद के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) को इन सभी वाहनों की सूची भेजकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने और इन बसों को बंद (निरुद्ध) करने का आदेश दिया है।
पोर्टल से खुली पोल : UP-ISVMP पर हुआ बड़ा खुलासा
यह पूरी कार्रवाई UP Integrated School Vehicle Management Portal (UP-ISVMP) के जरिए की गई है। 27 अप्रैल 2026 को हुई समीक्षा बैठक में पाया गया कि कई स्कूल प्रबंधक जानबूझकर परमिट रिन्यू नहीं करा रहे हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी कीमत पर बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले बस के कागजात और परमिट की जांच जरूर कर लें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।



















