शनिवार को जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज नगर में बुद्ध जयंती के पावन पर्व पर भगवान बुद्ध की एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस यात्रा का शुभारंभ चिलौली स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल से किया गया। पंचशील के झंडों से सराबोर युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। युवाओं ने भगवान बुद्ध के बताए शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया और पूरी फिजा ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ के जयघोष से गूंज उठी।

शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा
यह शोभायात्रा ट्रांसपोर्ट चौराहा, पृथ्वी दरवाजा, पटवन गली, चिलांका, पुल गालिब, तहसील रोड और बजरिया होते हुए मुख्य चौराहे तक पहुंची। इसके बाद यात्रा लालकुआं रोड स्थित मंडी समिति में जाकर संपन्न हुई। रास्ते भर लोगों ने फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को याद किया।

महापुरुषों की झांकियों ने खींचा सबका ध्यान
इस बार की शोभायात्रा में न केवल भगवान बुद्ध, बल्कि कई महान समाज सुधारकों की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। इनमें छत्रपति शाहूजी महाराज, माता सावित्री बाई फुले, ज्योतिराव फुले, डॉ. भीमराव अंबेडकर, ललई सिंह यादव और ई.वी. रामास्वामी की गौरवगाथा को दर्शाती झांकियां शामिल थीं, जिन्हें देखकर लोग भावविभोर हो गए।

बुद्ध का दर्शन जीवन जीने की कला : डॉ. नवल किशोर शाक्य
मंडी समिति में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए डॉ. नवल किशोर शाक्य ने कहा कि बुद्ध का दर्शन केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने का सही तरीका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की संघर्षपूर्ण दुनिया में करुणा और तर्क पर आधारित समाज की सबसे ज्यादा जरूरत है। इस अवसर पर भाजपा नेता लालाराम शाक्य, शिवकुमार, सतीश, जगबीर और प्रमोद शाक्य सहित बड़ी संख्या में अनुयायी मौजूद रहे।



















