रविवार को जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव तुर्क ललैया में खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के तारों में अचानक स्पार्किंग होने लगी। तेज हवाओं के कारण तारों के टकराने से निकली चिंगारियां सीधे नीचे खड़ी सूखी गेहूं की फसल पर जा गिरीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया।

किसानों की साल भर की मेहनत हुई खाक
इस अग्निकांड में गांव के दो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। किसान सूर्यकांत की तीन बीघा और राम प्रसाद राठौर की दो बीघा गेहूं की तैयार फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। पीड़ित किसानों का कहना है कि उनकी साल भर की खून-पसीने की कमाई आंखों के सामने ही जलकर बर्बाद हो गई, जिससे उनके सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
खेतों से उठती आग की लपटें और काला धुआं देखकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों की सक्रियता के कारण आग पास के अन्य खेतों तक नहीं पहुंच सकी, जहां कटी हुई फसल रखी थी। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक सूर्यकांत और राम प्रसाद की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी।

प्रशासन से मुआवजे की गुहार
घटना के बाद प्रभावित किसानों ने क्षेत्रीय लेखपाल सुधीर यादव से संपर्क किया है। किसानों ने मांग की है कि मौके का सर्वे कराकर नुकसान का सही आकलन किया जाए और उन्हें शासन की ओर से उचित मुआवजा दिलाया जाए ताकि वे इस आर्थिक नुकसान से उबर सकें।



















