फर्रुखाबाद : शहर कोतवाल को 7 दिन की जेल, SP को दिए तुरंत गिरफ्तारी के आदेश – गैर-जमानती वारंट जारी

फर्रुखाबाद की एक अदालत ने न्यायपालिका के आदेशों की अनदेखी करने पर सख्त रुख अपनाया है। शहर कोतवाल दर्शन सिंह सोलंकी को कोर्ट की अवहेलना का दोषी पाते हुए 7 दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने न केवल सजा सुनाई, बल्कि कोतवाल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी कर दिया है। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक (SP) को आदेश दिया है कि वे 6 अप्रैल तक कोतवाल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करें।

आखिर क्यों मिली कोतवाल को सजा?

यह पूरा मामला कोर्ट के आदेशों की बार-बार अनदेखी से जुड़ा है। थाना कोतवाली फर्रुखाबाद में दर्ज जानलेवा हमले, गोवध अधिनियम और धोखाधड़ी जैसे गंभीर सात मामलों में आरोपियों के खिलाफ वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी कोतवाल की थी। कोर्ट ने कई बार नोटिस दिए, लेकिन कोतवाल न तो खुद पेश हुए और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। कोर्ट ने इसे एक लोकसेवक के कर्तव्यों के खिलाफ और गंभीर लापरवाही माना है।

क्या कहती है BNS की धारा 388?

अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 388 का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की है। इस धारा के तहत यदि किसी व्यक्ति को दस्तावेज पेश करने या किसी सवाल का जवाब देने के लिए बुलाया जाता है और वह बिना किसी ठोस कारण के उपस्थित नहीं होता, तो अदालत उसे सात दिन तक की कैद की सजा दे सकती है। कोतवाल को शनिवार को अधिकतम सात दिन की जेल की सजा सुनाई गई है।

फर्रुखाबाद दर्पण
फर्रुखाबाद दर्पण
Amar Agnihotri
Author: Amar Agnihotri

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