Farrukhabad News : जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल परिसर में वार्षिक सामान्य निकाय बैठक का आयोजन संपन्न हुआ। इस बैठक में मिल के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसानों और गन्ना उत्पादकों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत में मिल प्रबंधन द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष के आय-व्यय का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया गया। इसके बाद आगामी पेराई सत्र की तैयारियों को लेकर चर्चा शुरू हुई। बैठक के दौरान किसानों ने गन्ना तौल में होने वाली देरी, मिल परिसर में मिलने वाली सुविधाओं और प्रेसमेड के बढ़े हुए दामों को लेकर अपनी बातें प्रमुखता से उठाईं। मिल के महाप्रबंधक डॉ. नीरज कुमार वर्मा ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आगामी पेराई सत्र को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि किसी भी किसान को असुविधा का सामना न करना पड़े।

प्रेसमेड के दामों पर किसानों का विरोध, 50 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
बैठक के दौरान प्रेसमेड के निर्धारित दामों को लेकर किसानों और मिल प्रबंधन के बीच काफी चर्चा हुई। उपसभापति सावन उर्फ जय कुमार गंगवार ने बताया कि सरकार द्वारा प्रेसमेड का मूल्य 251 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जिसका उपयोग अब बायो-ब्रिक बनाने में भी हो रहा है। इस निर्णय पर किसानों ने अपना विरोध जताते हुए कहा कि पहले प्रेसमेड ट्रॉली या ट्रैक्टर के हिसाब से आसानी से मिल जाती थी, लेकिन अब प्रति क्विंटल की नई दरें उनके लिए काफी महंगी साबित हो रही हैं। किसानों ने एकजुट होकर मांग रखी कि प्रेसमेड का रेट घटाकर 50 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। इसके अलावा, उपसभापति और अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार ने किसानों से क्षेत्र में गन्ने का रकबा बढ़ाने की अपील की, ताकि मिल अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हो सके।

तौल में देरी और परिसर की सुविधाओं पर उठा मुद्दा, अधिकारियों ने लिया संज्ञान
गन्ना किसानों के बुनियादी मुद्दों को रेखांकित करते हुए मिल समिति के निदेशक अमरदीप दीक्षित ने तौल प्रक्रिया में होने वाले विलंब का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तौल में घंटों इंतजार करने के कारण किसानों को मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके समाधान के लिए उन्होंने मिल परिसर में किसान भवन के सुंदरीकरण, शौचालयों की नियमित सफाई और किसानों के लिए कैंटीन की उचित व्यवस्था करने के सुझाव दिए। वहीं, किसान करण सिंह ने नई प्रजाति के गन्ना बीजों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग रखी। जिला गन्ना विकास निरीक्षक अशोक कुमार ने जानकारी दी कि शासन से हर साल 150 क्विंटल उन्नत बीज उपलब्ध कराया जाता है। महाप्रबंधक ने सभी किसान सुविधाओं और व्यवस्थाओं को शीघ्र दुरुस्त कराने का पूर्ण भरोसा दिया।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों व किसान प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
यह पूरी बैठक अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों का हित है। बैठक में मिल के वित्तीय लेखा-जोखा के दौरान मुख्य अभियंता पाछू राम, प्रभारी मुख्य गन्ना अधिकारी प्रशांत सागर, अवर अभियंता अनिल कुमार, प्रभारी लेखा अधिकारी ओमप्रकाश, प्रतिनिधि राम अवतार कालेश्वर, सुधीर सिंह, शारिक अली, राजीव कुमार, देवेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, बजरंग सिंह, वीरेन, जगदीश और बेचेलाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित अधिकारियों ने एक स्वर में किसानों की समस्याओं के त्वरित और स्थाई समाधान का संकल्प दोहराया।

























