Farrukhabad News : जनपद फर्रुखाबाद की ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी कंपिल के दिगंबर जैन मंदिर में इन दिनों दशलक्षण महापर्व की ज़बरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। 10 दिनों तक चलने वाले इस महान उत्सव में पूरा इलाका भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। शनिवार को अष्टमी के खास मौके पर श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने पूरे विधि-विधान से भगवान का अभिषेक किया, शांतिधारा की और मोक्ष कल्याणक दिवस के रूप में धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया।

13वें तीर्थंकर की जन्मभूमि का अनूठा महत्व
दिगंबर जैन मंदिर के प्रबंधक अनुराग जैन ने बताया कि फर्रुखाबाद का कंपिल क्षेत्र जैन समाज के लिए बेहद पवित्र और खास है। यह स्थान जैन धर्म के 13वें तीर्थंकर भगवान 1008 विमलनाथ स्वामी की जन्मभूमि है और उनके चार कल्याणकों की साक्षी रही है। 16 सितंबर से शुरू हुआ यह भक्तिोत्सव 25 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान हर दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां लोग भगवान विमलनाथ स्वामी का अभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं पूरी कर रहे हैं।

10 दिन और 10 जीवन बदलने वाले नियम
जैन मान्यताओं के मुताबिक, यह दशलक्षण पर्व सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खुद को पहचानने और बेहतर इंसान बनने का मौका है। इन 10 दिनों में लोग उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे 10 धर्मों को अपने जीवन में उतारते हैं। ये नियम इंसान को गुस्सा छोड़ने, घमंड त्यागने, मन साफ रखने और सच्चाई के रास्ते पर चलने की सीख देते हैं।

क्षमावाणी के साथ 25 सितंबर को होगा भव्य समापन
मंदिर परिसर में सुबह से शाम तक बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं की चहल-पहल बनी हुई है। 25 सितंबर को इस महापर्व का समापन होगा। इस आखिरी दिन विशेष धार्मिक आयोजन होंगे, जिसके बाद जैन समाज के लोग एक-दूसरे से पुरानी गलतियों के लिए क्षमा मांगेंगे। इस मौके पर अध्यक्ष पुष्पराज जैन, सुशील कुमार जैन, पवन कुमार जैन, अनुराग जैन, आशीष जैन, रतन जैन, सोनू जैन, नेहा जैन, प्रियंका जैन समेत भारी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे।

























