फर्रुखाबाद : कायमगंज में डॉक्टर की सास की बेरहमी से हत्या कर 2 करोड़ लूटने वाले 4 खूंखार बदमाशों को उम्रकैद

जनपद फर्रुखाबाद की एक स्पेशल एंटी डकैती कोर्ट ने नौ साल पुराने एक बेहद खूंखार और दिल दहला देने वाले मामले में अपना बड़ा फैसला सुनाया है। एक डॉक्टर की बुजुर्ग सास की उनके ही घर में घुसकर बेरहमी से हत्या करने और करीब दो करोड़ रुपए की कीमत के जेवरात व कैश लूटने वाले चार आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने सभी दोषियों पर 75-75 हजार रुपए का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोंका है।

ताले तोड़े बिना घर में घुसे थे लुटेरे, ऐसे खुला खूनी राज

यह खौफनाक वारदात फर्रुखाबाद के कायमगंज के मोहल्ला पाठक में रहने वाली बुजुर्ग महिला साधना गौड़ के साथ हुई थी। साधना गौड़ पेशे से डॉक्टर जितेंद्र सिंह सोलंकी की सास थीं और घर में अकेली रहती थीं। हैरान करने वाली बात यह थी कि जब पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की, तो घर का कोई भी ताला या मुख्य दरवाजा टूटा हुआ नहीं मिला। पुलिस को तुरंत शक हो गया कि इस वारदात में किसी करीबी का हाथ है। जब पुलिस ने घर की रखवाली करने वाले नेपाली यादव और उसकी पत्नी विमलेश से सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।

रस्सी से बंधे थे हाथ-पैर, मिली थी औंधे मुंह लाश

घटना का खुलासा तब हुआ जब मृतका की बेटी प्रिया गौड़ ने 11 फरवरी 2018 को अपनी मां को फोन किया, लेकिन फोन बंद आने लगा। इसके बाद जब पड़ोसियों ने घर जाकर देखा तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। घबराए दामाद डॉ. जितेंद्र जब अपनी पत्नी के साथ कायमगंज पहुंचे, तो नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। घर के पिछले हिस्से की छत के रास्ते अंदर जाने पर साधना गौड़ की लाश औंधे मुंह फर्श पर पड़ी मिली। उनके हाथ-पैर बेरहमी से रस्सी से बंधे हुए थे और अलमारियों से दो करोड़ रुपए की कीमत के सोने-चांदी के जेवर और नकदी गायब थी।

इन 4 गुनहगारों को मिली जिंदगी भर जेल की सजा

अदालत ने गवाहों और पुख्ता सबूतों के आधार पर साजिशकर्ता नेपाली यादव उर्फ प्रवेश यादव, उसकी पत्नी विमलेश, रवि उपाध्याय और शिवम उर्फ अनुपम शुक्ला को हत्या और डकैती का दोषी पाया। कोर्ट ने इन चारों को समाज के लिए खतरा मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाकर जेल भेज दिया। हालांकि, सबूतों की कमी के कारण एक अन्य आरोपी लालू उर्फ आशीष यादव को बरी कर दिया गया।

फर्रुखाबाद दर्पण
फर्रुखाबाद दर्पण
Amar Agnihotri
Author: Amar Agnihotri

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