जनपद फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर कला निवासी महेंद्र पाल सिंह एक सरिया व्यापारी है। उन्होंने गूगल पर सरिया बेचने वाली कंपनी का नंबर तलाशा, जो उन्हें भारी पड़ गया। ठगों ने फर्जी कंपनी की इनवॉइस व्हाट्सएप पर भेजकर उन्हें अपने जाल में फंसाया और एडवांस के नाम पर 10 लाख 10 हजार 750 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब सरिया नहीं पहुंचा, तब महेंद्र पाल को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
बिहार से जुड़े ठगी के तार, पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की टीम बिहार पहुंची। वहां जनपद पटना के थाना मुबारकपुर के गांव बुधनपुर निवासी कुंदन कुमार और इस्लामपुर थाना के गांव कोबिल निवासी गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया। ये दोनों शातिर अपराधी डिजिटल तरीके से लोगों को फर्जी इनवॉइस भेजकर शिकार बनाते थे।
बड़ी बरामदगी : 13 डेबिट कार्ड और फर्जी दस्तावेजों का जखीरा
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल होने वाला काफी सामान बरामद किया है। इनके पास से 4 मोबाइल फोन, 13 डेबिट कार्ड, 9 सिमकार्ड, 2 चेकबुक, एक नोटबुक और 13 हजार रुपए कैश मिला है। इसके अलावा पुलिस को इनके मोबाइल से कई फर्जी दस्तावेजों के स्क्रीनशॉट भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल ये लोगों को विश्वास में लेने के लिए करते थे।
सावधानी ही बचाव : ऑनलाइन पेमेंट से पहले रहें अलर्ट
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि गूगल पर मिले किसी भी अनजान नंबर पर भरोसा करके तुरंत मोटी रकम ट्रांसफर न करें। किसी भी कंपनी से सौदा करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच जरूर करें। यदि आपके साथ भी कोई साइबर फ्रॉड होता है, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या नजदीकी साइबर सेल को सूचित करें।


















