फर्रुखाबाद में बीते कुछ दिनों से चर्चा का विषय बने शहर कोतवाल दर्शन सिंह सोलंकी के मामले में एक नया मोड़ आया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) द्वारा सुनाई गई सात दिन के कारावास की सजा पर जिला जज की अदालत ने रोक लगा दी है। मंगलवार को हुई इस सुनवाई के बाद पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है। कोतवाल ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील दायर कर सजा के क्रियान्वयन को स्थगित करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
वकीलों की फौज के साथ पहुंचे कोतवाल, सजा को बताया गलत
दोपहर के समय शहर कोतवाल दर्शन सिंह सोलंकी अपने अधिवक्ताओं महेश यादव और बार एसोसिएशन के महासचिव कुंवर सिंह यादव के साथ जनपद न्यायाधीश की अदालत में पेश हुए। उनके वकीलों ने तर्क दिया कि ACJM का आदेश विधि विरुद्ध है और उन्हें पर्याप्त सुनवाई का मौका दिए बिना ही जल्दबाजी में फैसला सुनाया गया। दलील दी गई कि संबंधित धाराओं के प्रावधान इस मामले में लागू नहीं होते। जिला जज नीरज कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सजा पर रोक लगा दी और मूल पत्रावली (Original Records) तलब कर ली है।
30 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई, गिरफ्तारी वारंट भी हुआ बेअसर
आपको बता दें कि ACJM ज्ञानेंद्र कुमार की अदालत ने 4 अप्रैल को कोतवाल को सात दिन की सजा सुनाते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किया था। साथ ही एसपी को निर्देश दिए थे कि उन्हें 6 अप्रैल तक गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। हालांकि, अब जिला अदालत से राहत मिलने के बाद गिरफ्तारी का खतरा टल गया है। पूरे दिन चली कानूनी प्रक्रिया के बाद शाम को राहत का आदेश जारी हुआ। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय की गई है।

फर्रुखाबाद : शहर कोतवाल को 7 दिन की जेल, SP को दिए तुरंत गिरफ्तारी के आदेश – गैर-जमानती वारंट जारी


















